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क्यों अटका है दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के 5वें चरण का निर्माण कार्य? दो की जगह बीते साढ़े चार साल

By Sanjeev Kumar Jain Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 02 Oct 2026 12:22 PM (IST)

Delhi-Meerut Expressway: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण ढाई साल की देरी के बावजूद अधूरा है, जिसका निर्माण साढ़े चार साल ...और पढ़ें

निर्माणाधीन मेरठ एक्सप्रेसवे पर तलहेटा के पास जमीन छूते हुए पावर ग्रिड की लाइन और टोल प्लाजा पर निर्माण कार्य करती जेसीबी। जागरण

निर्माणाधीन मेरठ एक्सप्रेसवे पर तलहेटा के पास जमीन छूते हुए पावर ग्रिड की लाइन और टोल प्लाजा पर निर्माण कार्य करती जेसीबी। जागरण

HighLights

  1. पांचवां चरण ढाई साल की देरी से, साढ़े चार साल से निर्माण जारी।

  2. दो इंटरचेंज अधूरे, नरहेड़ा आरओबी पर गर्डर नहीं रखे गए।

  3. किसानों की स्लिप रोड मांग और ठेकेदार की लापरवाही मुख्य बाधाएं।

प्रदीप द्विवेदी, मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण निर्धारित समय से ढाई साल की देरी होने के बावजूद तैयार नहीं हो पाया है। इसका निर्माण कार्य साढ़े चार साल से चल रहा है। 14.4 किलोमीटर लंबे कनेक्टर में दो इंटरचेंज अधूरे हैं, नरहेड़ा में रेलवे ओवरब्रिज के पिलर तैयार होने के बावजूद गर्डर नहीं रखे जा सके हैं और एक अन्य ढांचा निर्माणाधीन है।

तलहेटा में स्लिप रोड की मांग को लेकर किसानों का धरना भी करीब एक किलोमीटर हिस्से में निर्माण रोक रहा है। किसानों का तर्क है कि एक्सप्रेसवे पर चुड़ियाला में स्लिप रोड बन सकता है तो उस तलहेटा में क्यों नहीं, जहां 20 गांव के लोगों की जमीन ली गई है। स्लिप रोड निर्माण के लिए एनएचएआइ को अलग से जमीन भी क्रय नहीं करनी है।

मेरठ मंडल के कमिश्नर भानुचंद्र गोस्वामी के अनुसार गाजियाबाद जनपद की सीमा में बाधा है, यह ठेकेदार की लापरवाही के कारण है, जिसके लिए उसे चेतावनी जारी की गई है। किसानों से वार्ता कर समाधान निकाल लिया जाएगा। पांचवें चरण (कनेक्टर) को मेरठ-बुलंदशहर हाईवे से जोड़ने के लिए तीन अप्रैल 2022 को 309 करोड़ की लागत से काम शुरू हुआ था।

14.4 किलोमीटर लंबे इस कनेक्टर को मार्च 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया था। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार के अनुसार अब नई समय सीमा नवंबर तक बढ़ा दी गई है, पर काम की गति देखकर ऐसा लगता है कि इस साल यह परियोजना शायद ही पूरी हो।

दिल्ली से नजीबाबाद, बिजनौर व उत्तराखंड के पौड़ी की राह होगी आसान

मेरठ के बिजौली गांव में जहां गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होता है, वहां से नौ किमी की दूरी पर ही डीएमई का पांचवां चरण उतर रहा है। इसके पूरा होने से आधे मेरठ को लाभ मिलेगा। वहीं दिल्ली से नजीबाबाद, बिजनौर और उत्तराखंड के पौड़ी की तरफ आना-जाना आसान होगा।

ये हैं बड़ी बाधाएं

  • तलहेटा-जैनुद्दीनपुर इंटरचेंज का भी काम थमा हुआ है।
  • नरहेड़ा के पास रेलवे लाइन पर आरओबी पर गर्डर नहीं रखे जा सके हैं।
  • लोहियानगर इंटरचेंज अधूरा है। दो दुकानों को हटाने का काम भी बाकी है।
  • जैनुद्दीनपुर व खानपुर में हाईटेंशन लाइन शिफ्ट होनी है।

मैं किसानों से वार्ता करने गया था। खेतों तक जाने के लिए एप्रोच रोड की मांग हुई थी, उसे पूरा किया गया है। किसानों ने तलहेटा के पास स्लिप रोड की मांग की है, उस मांग पर एनएचएआइ स्तर से निर्णय लिया जाएगा। एनएचएआइ के ठेकेदार की तरफ से लापरवाही से कार्य करने की समस्या आई थी। -रविंद्र कुमार मांदड़, डीएम, गाजियाबाद