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दिल्ली जा रहे हैं तो ध्यान दें! ग्रेप-1 की पाबंदियां लागू हैं, एक लाख से ज्यादा वाहन नहीं घुस पाएंगे दिल्ली में

By Anand Prakash Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 25 Oct 2026 06:10 AM (IST)

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने के कारण ग्रेप-1 की पाबंदियां लागू हो गई हैं। इसके तहत 1 नवंबर से ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)

(प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप-1 पाबंदियां वायु प्रदूषण बढ़ने से लागू।

  2. 1 नवंबर से बीएस-4 वाहनों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित।

  3. मेरठ के एक लाख से अधिक वाहन इस प्रतिबंध से प्रभावित।

जागरण संवाददाता, मेरठ। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) में वृद्धि के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेप-1 की पाबंदियां लागू हो गई हैं। आगामी एक नवंबर से दिल्ली में बीएस-4 या इससे नीचे वर्जन के वाहनों का प्रवेश नहीं हो सकेगा। मेरठ के भी एक लाख से ज्यादा वाहनों पर यह पाबंदी लागू हो जाएगी।

दरअसल, एक्यूआइ 200 से 300 के बीच पहुंचने को वायु गुणवत्ता के लिहाज से खराब श्रेणी में माना जाता है। इस स्थिति के बनने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का पहला चरण लागू कर दिया जाता है। बीते कई दिनों से एक्यूआइ में लगातार वृद्धि हुई। इसी कारण दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप-1 की पाबंदियां लागू कर दी गईं। वायु प्रदूषण कम करने को लेकर पहले ही सीएक्यूएम (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) की गाइडलाइन पर दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 वाहनों का संचालन प्रतिबंधित है।

सर्दियों में कोहरे के दौरान एक्यूआइ और अधिक बढ़ जाता है। इसी के चलते एक नवंबर से बीएस-4 इंजन वाले वाहनों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाता है। एआरटीओ (प्रशासन) विकास कुमार यादव का कहना है कि मेरठ में कुल एक लाख सात हजार वाहन बीएस-4 श्रेणी के हैं। इनमें दोपहिया, चार पहिया और व्यावसायिक वाहन आदि सभी प्रकार के वाहन शामिल हैं।