यूपी में 4.86 लाख अभ्यर्थी देंगे डीएलएड परीक्षा, तंबू-कनात में नहीं होगा आयोजन; गड़बड़ी पर नपेंगे अधिकारी
Uttar Pradesh D.El.Ed: डीएलएड प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की सितंबर में होने वाली परीक्षाओं के लिए सख्त निर्देश जारी किए ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
डीएलएड परीक्षा सितंबर में, वित्त विहीन स्कूल केंद्र नहीं।
खुले में परीक्षा नहीं, पर्याप्त सुविधाओं वाले केंद्र अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, मेरठ। डीएलएड प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की सितंबर माह में होने वाली परीक्षाओं की तैयारियां शुरू हो गई है। परीक्षा के लिए वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों को परीक्षा केंद्र कदापि प्रस्तावित नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही प्रस्तावित परीक्षा केंद्र पर निर्धारित धारण क्षमता के अनुसार पर्याप्त फर्नीचर, शौचालय, पेयजल, जनरेटर एवं अन्य भौतिक संसाधनों की पूर्ण व्यवस्था होना अनिवार्य है।
परीक्षा के लिए जारी किए निर्देश
परीक्षा के लिए सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश प्रयागराज राजेंद्र प्रताप ने मेरठ समेत सभी उप शिक्षा निदेशक और प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान उत्तर प्रदेश को निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा केंद्रों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
परीक्षा केंद्रों के लिए ऐसे विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा है, जो विद्यालय जनपद मुख्यालय पर हों और वहां अभ्यर्थियों को पहुंचने में असुविधा न हो। वहीं, परीक्षा केंद्र की न्यूनतम धारण क्षमता 500 होनी चाहिए। साथ ही केंद्रों पर परीक्षार्थियों के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
अच्छी ख्याति वाले विद्यालय बनाए जाएंगे केंद्र
परीक्षा केंद्र अच्छी ख्याति वाले राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त इंटर कालेज को ही निर्धारित किया जाएगा। इसके लिए मानक भी निर्धारित किए गए हैं, जैसे केंद्र बनाए जाने वाले विद्यालयों में चाहरदिवारी एवं मुख्य प्रवेश द्वार पर गेट की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
शिकायत वाले विद्यालय नहीं बनेंगे केंद्र
पूर्व में जिन परीक्षा केंद्रों की किसी भी परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हों, उन्हें परीक्षा केंद्र कदापि प्रस्तावित नहीं किया जाएगा। परीक्षा केंद्र बनाए जाने वाले विद्यालय मुख्य व संपर्क मार्ग पक्के मार्ग से जुडे होने चाहिए ताकि वहां आसानी से पहुंचा जा सके। सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी दशा में परीक्षा केंद्र पर तंबू या कनात लगाकर खुले में परीक्षा आयोजित नहीं कराई जाए। यदि ऐसी स्थिति किसी प्रस्तावित परीक्षा केंद्र पर पाई जाती है तो उसके लिए पूरी जिम्मेदारी डायट प्राचार्य व जिला विद्यालय निरीक्षक की होगी।
कुल 68 जनपदों में होगी परीक्षा
सितंबर माह में होने वाली डीएलएड प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा पूरे प्रदेश में कुल 68 जनपदों में होगी, जिसमें 3,03,732 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जबकि मेरठ जिले में 20,168 अभ्यर्थी शामिल होंगे। वहीं, डीएलएड तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा भी प्रदेश के 68 जिलों में होगी, जिनमें 1,82,350 अभ्यर्थी शामिल होंगे। मेरठ जिले में 8311 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
