मेरठ, जेएनएन। मेडिकल कालेज में भर्ती बंदी के गले में फंदा डालकर हत्या की आशंका से हड़कंप मचा है। मेडिसिन वार्ड में भर्ती बंदी विकास चार मार्च की रात को बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिला था। उसकी देर रात इमरजेंसी वार्ड में मौत हो गई थी। शुक्रवार शाम को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, फंदा कसकर बंदी के गले की हड्डी टूटना आया है। प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र सिंह ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। उधर, मेडिकल कालेज में मरीजों की सुरक्षा और बंदी के साथ डयूटी पर रही पुलिस पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

मेरठ की जेल में बंद 33 वर्षीय विकास को खून की उल्टियां होने पर दो मार्च को मेडिसिन वार्ड में डाक्टर स्नेहलता वर्मा के अंडर भर्ती कराया गया। चार मार्च को वह शाम के समय बाथरूम गया। काफी देर तक न आने पर स्टाफ ने उसे तलाशा तो बंदी बाथरूम में बेहोश मिला। डाक्टरों के मुताबिक, उसकी पल्स और बीपी बंद हो चुकी थी। उसे तत्काल इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डाक्टरों ने उसे रात 11.25 बजे मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार सुबह विकास के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शाम करीब चार बजे आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, गले में फंदे का निशान के साथ ही बर्टब्रिा टूटी मिली। यह किसी के गले में फंदा कसने से टूटती है। डाक्टरों ने मौत की वजह बीमारी बताने का प्रयास किया, लेकिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने सच सामने ला दिया।

प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि बेहद गंभीर मामला है। मेडिसिन विभाग के डाक्टरों ने प्रथम दृष्टि में मौत की वजह हैंगिंग मानने से इंकार किया है। चिकित्सा अधीक्षक डा. केएन त्रिपाठी समेत तीन सदस्यीय जांच टीम बना दी गई है।

हत्यारोपित था विकास

उकसिया गांव निवासी विकास 2010 में हत्या के मामले में जमानत पर छूट गया था। इसके बाद कोर्ट में हाजिर न होने के चलते उसका वारंट जारी हो गया। 24 फरवरी को सरूरपुर पुलिस ने विकास को बीमारी की हालत में गिरफ्तार किया। 

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021