मेरठ, जागरण संवाददाता। कृषि विवि के वेटनरी डीन डा. राजवीर सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में दौराला पुलिस ने अपनी कार्रवाई लगातार तेजी से आगे बढ़ा रही है। इस प्रकरण में पुलिस डा. डीन को कोर्ट में ले गई, जहां कलमबंद 164 के बयान दर्ज कराए गए।

डीन ने दो टूक कहा कि हमलावरों ने उन्हें मारने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। इससे पहले थाना पुलिस ने डीन पर हुए जानलेवा हमले में मुख्य षड़यंत्रकारी डा. आरती भटेले के थाने में बयान दर्ज किए थे। कंकरखेड़ा की डिफेंस एंक्लेव कालोनी निवासी डा. राजवीर सिंह कृषि विवि में वेटनरी डीन के पद पर हैं।

पिछले दिनों डा. डीन अपनी कार में सवार होकर विवि से अपने घर जा रहे थे। विवि और हाईवे-58 के बीच वाली सड़क पर बाइक सवार हमलावरों ने डीन की कार रूकवाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। जिसमें आधा दर्जन से अधिक गोली डीन के शरीर को भेद गई थी। अस्पताल में उपचार के बाद डीन के चिकित्सक बेटा-बेटी घर ले गए, जहां एक कमरे मेें आइसीयू बनाकर उनका उपचार किया जा रहा है। डीन के बेटे ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

पुलिस जांच में मुख्य षड़यंत्रकारी वेटनरी कालेज की डा. आरती भटेले समेत बिल्डर अनिल बालियान व तीन शूटरों के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने बिल्डर समेत तीनों शूटरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि अपनी फरारी के दौरान डा. भटेले ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली थी। जिसके बाद दो दिन पूर्व ही डा. भटेले के दौराला थाने में बयान दर्ज हुए थे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि डा. डीन ने कोर्ट में कहा कि जिस तरह से उन पर गोली चलाई गई, उससे हमलावरों ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। इंस्पेक्टर दौराला आरके पचौरी ने बताया कि डीन डा. राजवीर सिंह के बयान कोर्ट में दर्ज करा दिए गए हैं।

 

Edited By: Taruna Tayal