जागरण संवाददाता, मेरठ ।

ताबड़तोड़ लूट के इरादे से निकला सलमान पुलिस या जनता से घिरने पर किसी भी अंजाम तक पहुंचने को तैयार था। उसने सोचा था कि लोगों को डरा-धमकाकर वह हमेशा की तरह लूटकर निकल जाएगा लेकिन, सटीक घेराबंदी और पुलिसकर्मियों के हौसले ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

रेलवे रोड से ईदगाह चौपला की तरफ भागते वक्त फैंटम संख्या-1 के सिपाही लेखराज व होमगार्ड चंदर ने उसका पीछा किया। लेखराज ने होमगार्ड को उतार दिया और सादे कपड़ों में खड़े रेलवे रोड थाने के सिपाही अनुज को पीछे बैठाकर अपनी पिस्टल उसे दे दी।

पीछा करते वक्त दो गोलियां अनुज ने ही चलाई थीं। थाना पुलिस के अलावा ट्रैफिक पुलिस का भी सहयोग रहा। ट्रैफिक मोबाइल व इंटरसेप्टर दौड़ी तो ईदगाह चौपला पर खड़े ट्रैफिक सिपाही अरविंद अर्जुन ने घेराबंदी की। इसके चलते सलमान पकड़ा गया। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।

मोटर मेकैनिक घायल, चाय विक्रेता से हुई हाथापाई

पुलिस सलमान का पीछा कर रही थी लेकिन इस दौरान भी वह वारदात करने से बाज नहीं आया। ईदगाह चौपला के पास भी भागते-भागते उसने एक युवक का मोबाइल छीन लिया। मोटर मेकैनिक वहाब ने रोकने की कोशिश की तो सलमान ने पिस्टल की बट से उसे घायल कर दिया। सलमान से हाथापाई में रेलवे रोड थाने के दारोगा उमेश भी चोटिल हो गए। नाले में पिस्टल फेंकने के बाद सलमान पास में ही चाय की दुकान पर बैठ गया। एतराज जताते हुए चाय विक्रेता भी उससे भिड़ गया। इसके बाद भीड़ उस पर टूट पड़ी।

सलमान बोला, 3-4 हजार रुपये रोजाना देता है फरमान

घायल सलमान ने बताया कि वह और फरमान कई महीने से मोबाइल व पर्स लूटने की वारदात कर रहे हैं। लूटे गए मोबाइल को बेचने का काम फरमान का है। दिनभर वारदात में शामिल रहने के बदले फरमान उसे तीन-चार हजार रुपये रोजाना देता है।

By Jagran