मेरठ, जेएनएन। न्यायालय एसीजेएम कोर्ट संख्या तीन ने एक मुकदमे में विवेचक और संबंधित सीओ के खिलाफ गलत जांच करने पर एसएसपी मेरठ को कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है।

अधिवक्ता रविद्र कुमार सिंह ने बताया कि यूसुफ अली ने बहन का विवाह 23 मार्च 19 को परतापुर निवासी रियाज से किया था। कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले बोलेरो गाड़ी और पांच लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न करने पर बहन को प्रताड़ित किया जाता था। एक दिन जब वह बहन के घर पहुंचे तो वह अचेत अवस्था में जमीन पर पड़ी थी। होश में आने पर उसने बताया कि ससुरालियों ने जान से मारने की नीयत से गला दबाया था। यूसुफ ने 12 नवंबर 20 को रियाज, फरजाना, फिरोज, परवेज, अब्दुल रहमान व अंजुम के खिलाफ थाना परतापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में विवेचक ने गंभीर धाराओं को हटा दिया था, जिसके बाद चार्जशीट दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए धारा 307 को बढ़ाकर प्रसंज्ञान ले लिया और त्रुटिपूर्ण विवेचना करने पर विवेचक प्रीतम सिंह व संबंधित सीओ ब्रह्मपुरी अमित कुमार राय के खिलाफ गलत जांच करने पर एसएसपी मेरठ को कार्रवाई करने के लिए आदेशित किया। साथ ही सभी अभियुक्तगण को तीन नवम्बर 2021 को तलब कर लिया है।

रिश्वत देने का आरोपित जेल भेजा

डी-फार्मा ट्रेनिग की एवज में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अलीगढ़ को रिश्वत देने के आरोपित मोहम्मद फैजल अहमद निवासी अलीगढ़ को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम पीएन पांडे की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया। विशेष लोक अभियोजक महेंद्र सिंह प्रजापति ने बताया की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मलखान सिंह ने थाना बन्नादेवी जीटी रोड में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया कि 20 सितंबर को मोहम्मद फैजल उनके आवास पर डी-फार्मा से संबंधित ट्रेनिग की बात करने के लिए पहुंचा था। अभिलेख दिखाते हुए बंद लिफाफा देने की कोशिश की। उन्होंने जब पूछा तो आरोपित ने बताया कि 10 हजार रुपये हैं।

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