मेरठ, जेएनएन। Coronavirus Lockdown Day 3 सरकार ने जो वादा किया था कि लॉकडाउन की वजह से किसी को भूखे रहने की नौबत नहीं आएगी। उस तक सरकारी दूत पहुंचेंगे। सरकार के दावे के मुताबिक इस मदद शुरू भी हो चुकी है। दैनिक जागरण संवाददाता प्रदीप द्विवेदी ने कई मामलों का रियलिटी चेक भी किया। धरातल पर ऐसी मदद दिखाई दे रही है और लोग इस मदद से संतुष्ट हैं। ये वैसे लोग हैं जो वास्तविक जरूरतमंद हैं। आइए कुछ मदद के मामलों से इसकी हकीकत तक पहुंचकर देखते हैं-

मदद नंबर एक

सुरेशचंद ने गुरुवार दोपहर 1.10 बजे 112 पर फोन पर किया कि उनके पास राशन नहीं है। खाने को कुछ नहीं है। उनके पास पैसा भी नहीं खरीदने को। वहां से कॉल, पूर्ति विभाग को ट्रांसफर की गई। जिला पूर्ति अधिकारी अपनी टीम के साथ दिल्ली रोड की तरफ ही थे। वह मौके पर पहुंचे और उनकी दशा देखी। मुआयना किया। जरूरतमंद दिखाई दिए। तो फौरन गगोल रोड की एक परचून की दुकान खुलवाई गई।

संवाददाता द्वारा रियलिटी चेक

दैनिक जागरण संवाददाता ने ऐसे मदद पाने वालों तक पहुंच कर रियलिटी चेक किया। संवाददाता जब मौके पर पहुंचे तो इत्तेफाक से पूर्ति विभाग की टीम अभी वहीं थी। पूर्ति विभाग ने जो किया वह तो दिखाई दे रहा था पर संबंधित व्यक्ति को क्या वह मदद मिली जिसकी उसने उम्मीद की थी? इसका जवाब खुद सुरेश चंद ने दिया। बताया कि वह दिहाड़ी मजदूर हैं। कई दिनों तक काम चलाया पर अब पैसा खत्म हो गया। सरकार पर भरोसा करते हैं इसलिए 112 पर फोन किया। टीम ने मुङो आटा आदि सामान मिलाकर 10 दिन का सामान दे दिया है। नाम नोट किया है बोल रहे हैं राशन कार्ड बना देंगे।

क्या बोले अधिकारी

जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि आधे घंटे के अंदर सुरेश को सामान पहुंचाया गया। इन्हें वास्तविक रूप से जरूरत थी इसलिए इन्हें निश्शुल्क दिया गया। सामान पहुंचाने से पहले उसकी पड़ताल कर ली जाती है।

मदद नंबर दो

रिठानी के दीपक चौधरी ने 112 पर फोन किया। इसकी कॉल भी पूर्ति विभाग को ट्रांसफर की गई। पूर्ति विभाग की ओर से स्थानीय राशन डीलर के माध्यम से सामान भिजवाया गया।

संवाददाता द्वारा रियलिटी चेक

दैनिक जागरण संवाददाता ने इस मदद पर भी रियलिटी चेक किया। दीपक ने बताया कि उन्होंने दोपहर 12 बजे फोन किया था। उनके यहां सामान पहुंचा रात 9.00 बजे।

एसएसपी ने दिए निर्देश

आमतौर पर कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली पुलिस लॉकडाउन के दौरान घरों में रहने वाले लोगों की मददगार बनी हुई है। जरूरतमंद लोग थाना प्रभारियों के सीयूजी नंबर एवं यूपी-112 पर दवा और राशन तक मांग रहे हैं। पुलिस सभी कॉलर एवं सड़क पर रहने वाले लोगों को खाना मुहैया करा रही है। एसएसपी ने भी इसके लिए मातहतों को निर्देश दिए है। साथ ही किसी प्रकार की दिक्कत होने पर लोगों को यूपी-112 नंबर पर कॉल करने की अपील की है। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को मूलभूत सुविधाओं का ख्याल रखने के आदेश दिए है। पुलिस के इस नए रूप को शहर के लोग भी खुले दिल से सराह रहे है।

पुलिस टीम ने की सहायता

लिसाड़ीगेट के समर गार्डन की रहने वाली जीनत ने इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल को कॉल की। उसका कहना था कि पति सोनू रिक्शा चलाते है। चार बच्चे है। घर में राशन खत्म हो गया है। रात से किसी भी सदस्य ने कुछ नहीं खाया है। ऐसे में पुलिस की टीम भेजकर जीनत को राशन मुहैया करा गया। उसके अलावा मलियाना से टीपीनगर थाने पर सरिता ने कॉल की। उनका कहना था कि पति बीमार है। घर से बाहर निकलने का कोई रास्ता भी नहीं है। राशन भी बुधवार की रात खत्म हो गया। एसओ दिनेश चंद की टीम ने घर पर राशन पहुंचाया। उसी तरह से कोतवाली के इंस्पेक्टर देवेश कुमार शर्मा, सदर बाजार के एसओ विजय गुप्ता, ब्रrापुरी के इंस्पेक्टर सुभाष अत्री ने सभी लोगों को खाना वितरण किया। उसके अलावा देहलीगेट एसओ रवेंद्र पहलावत ने कुछ लोगों को सैनिटाइजर दिए।

थानों में शुरू हुई खाने के लिए भट्टी

गरीबों को खाना वितरण के लिए सदर बाजार, टीपीनगर दो थानों में खाना बनाने को भट्टी शुरू करा दी । 

Posted By: Prem Bhatt

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