मेरठ, [संतोष शुक्ल]। Coronavirus कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बेशक लॉकडाउन के रूप में बड़ा कदम उठाया है, किंतु स्पेन, अमेरिका और इटली के हालात भारत को डरा रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग इस महामारी से निपटने के लिए बड़ा निर्णय लेने जा रहा है। हालात बिगड़े तो मेडिकल कालेज को पूरी तरह कोरोना वार्ड में बदल दिया जाएगा। सिर्फ इमरजेंसी वार्ड आम मरीजों के लिए छोड़ा जाएगा।

एक ही कैंपस में इलाज हो तो बेहतर

लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में प्रदेश का सबसे बड़ा कोरोना वार्ड बनाया गया। पहले चरण में 80 बेड की व्यवस्था की गई, जो अब बढ़ाकर दो सौ बेड की जा चुकी है। मेरठ के दो निजी मेडिकल कालेजों से 240 बेडों की उपलब्धता कराई गई, जबकि 57 निजी अस्पताल भी आइसोलेशन वार्ड बनाएंगे। भारत कोरोना के स्टेज-3 में पहुंचने वाला है, जिसमें बड़ी आबादी के संक्रमित होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। अमेरिका, इटली और स्पेन जैसे विकसित देशों के अभी अस्पतालों में बेडों की संख्या कम पड़ गई।

मेडिसिन विभाग में सबसे ज्यादा बेड

मेडिकल कालेज के अंतर्गत संचालित सरदार वल्लभ भाई पटेल के पास 750 बेड उपलब्ध हैं, जबकि 250 बेडों का संचालन मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया द्वारा किया जाता है। प्राचार्य डा. आरसी गुप्ता का कहना है कि अगले 21 दिन बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। अगर इस बीच संक्रमण बढ़ा तो ज्यादा से ज्यादा मरीजों को मेडिकल कैंपस में ही रखने पर जोर होगा, जिससे संक्रमण का खतरा अन्य क्षेत्रों तक न पहुंचे। इसके लिए पूरा अस्पताल कवर किया जा सकता है। मेडिसिन विभाग में सर्वाधिक 120 बेड हैं, जिसमें सबसे पहले मरीजों को भर्ती किया जाएगा।

इनका कहना है

निजी अस्पतालों से करीब एक हजार बेडों की उपलब्धता हो रही है, किंतु मरीजों को यहां से वहां ले जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ेगा। ऐसे में मेडिकल कालेज के अस्पताल को पूरी तरह कोरोना वार्ड में बदल सकते हैं। ओपीडी बंद चल ही रही है।

- डा. राजकुमार, सीएमओ।

Posted By: Prem Bhatt

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