मेरठ, जेएनएन। उच्च शिक्षा आयोग प्रयागराज से चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति-पत्र लेकर सात महीने से धक्के खाने को विवश है। आयोग और कॉलेज प्रबंधन के चक्कर में प्रोफेसर फुटबाल बना हुआ है। कॉलेज प्रबंधन नियुक्ति की जगह शिक्षक का इंटरव्यू ले रहा है। शिक्षक ने मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा आयोग और राष्ट्रपति से न्याय की गुहार लगाई है। न्याय न मिलने पर आत्महत्या की बात कही है। सर्वहितकारी इंटर कॉलेज किनानगर मेरठ में रसायन विज्ञान के शिक्षक डा. प्रदीप कुमार का चयन सात महीने पहले डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ था। बरेली कॉलेज में उन्होंने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया।

सात महीने से बगैर वेतन कार्य करने को विवश

बाद में कॉलेज ने उक्त पद को स्थानांतरण से भर लिया। एक पद पर दो शिक्षक होने की वजह से प्रदीप को सात महीने से वेतन नहीं मिला। आयोग से शिकायत करने पर डा.प्रदीप को मुरादाबाद के केजीके कॉलेज में कार्यभार ग्रहण करने का पत्र जारी किया गया। आरोप है कि केजीके कॉलेज के प्रबंधक ने शिक्षक को कार्यभार ग्रहण कराने की जगह दिल्ली बुलाकर खुद इंटरव्यू लिया। उम्मीदवार से पैसे की मांग की।

शिक्षक ने सीएम व राष्ट्रपति से लगाई न्याय की गुहार

अब आयोग से चयनित उम्मीदवार सात महीने से आयोग का नियुक्ति पत्र लेकर शिक्षक लखनऊ, प्रयागराज, मुरादाबाद, बरेली का चक्कर काट रहा है। आर्थिक तंगहाली से परेशान शिक्षक का कहना है कि दो बार उप मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है। लेकिन, सुनवाई नहीं हुई। 

Posted By: Taruna Tayal

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस