मेरठ, जेएनएन। सोमवार की दोपहर करीब दो बजे मेडिकल कालेज की एमरजेंसी में कुछ लोग बच्चे को गोद में लेकर पहुंचे। बच्चे के गले में एक रुपये का सिक्का अटका हुआ था। उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। वहा डाक्टर मौजूद नहीं थे। स्टाफ को बच्चे के गले में सिक्का निकालने की बात कही। स्टाफ भी डाक्टर के आने का इंतजार करने लगा। बच्चे के साथ परिवार और रिश्तेदार काफी लोग आए हुए थे। उपचार में देरी की वजह से बच्चे के स्वजन आपा खो बैठे। उन्होंने एमरजेंसी में मौजूद स्टाफ से अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। उसके बाद यूपी-100 पर काल की गई। पुलिस बल मौके पर नहीं पहुंच पाया। तब डाक्टर प्रवीण त्यागी अपने साथ कुछ डाक्टरों को लेकर मेडिकल थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम को मामले की सूचना दी गई। इंस्पेक्टर ने चौकी इंचार्ज को काल की, जो उस समय कोर्ट में गए हुए थे। इधर-उधर से पुलिस बुलाकर एमरजेंसी में पहुंचने के निर्देश दिए है। पुलिस के एमरजेंसी में पहुंचने से पहले ही तीमारदार बच्चे को लेकर किसी निजी अस्पताल चले गए थे। मेडिकल के डाक्टरों और पुलिस को भी नहीं पता कि बच्चे को लेकर तीमारदार कहां से आए थे। इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम का कहना है कि किसी ने तहरीर नहीं दी है।

सिर्फ 279 विज्ञापनपट वैध, बाकी से वसूला जाएगा जुर्माना: शहर में जगह-जगह अवैध विज्ञापनपट लगे हुए हैं। अब इनसे जुर्माना वसूला जाएगा। नोटिस जारी करने व जुर्माना वसूलने का अधिकार संबंधित जोनल अधिकारियों को दिया गया है। विज्ञापन अनुभाग का विकेंद्रीकरण किया गया है, जिससे अब राजस्व निरीक्षक भी जुर्माना लगा सकेंगे। बहरहाल, जल्द ही जोनल अधिकारी नोटिस जारी करेंगे। शहर में 2020-2021 के लिए सिर्फ 279 विज्ञापनपट स्वीकृत थे। इनकी सूची राजस्व निरीक्षकों को देकर बाकी पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।

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