मेरठ, [संतोष शुक्ल]। CM Yogi Visits Meerut कोरोना के दौर में थमा हुआ सियासी रथ एक बार फिर चल पड़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तिनापुर दौरे के बड़े राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। नोएडा की तरह जहां हस्तिनापुर पहुंचकर सीएम योगी पुराना मिथक तोड़ेंगे, वहीं हिन्दुत्व की डगर पर चलते हुए राष्ट्रवादी विकास की धारा को भी नई दिशा देंगे। पश्चिम उप्र के गुजरने वाली कांवड़ यात्रा स्थगित कर दी गई है, जिसकी राजनीतिक भरपाई हस्तिनापुर की यात्रा से की जा सकती है। सीएम योगी पश्चिम यूपी के कई सांसदों व विधायकों के साथ हस्तिनापुर में मंथन कर बड़ा राजनीतिक संदेश भी देंगे।

....नोएडा के बाद हस्तिनापुर का तोड़ेंगे टोटका

धार्मिक एजेंडों को राष्ट्रवादी रंग में पेशकर पार्टी लगातार राजनीतिक जमीन बढ़ा रही है। इस साल जनवरी में गंगा यात्रा के बहाने योगी ने लोगों से आस्था का कनेक्ट मजबूत किया, साथ ही नदी किनारे स्थित गांवों में उद्यमशीलता बढ़ाने का भी प्रयास किया। सीएम चार या पांच जुलाई को जब हस्तिनापुर में होंगे तो यह प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में अहम मोड़ होगा। अब तक कोई भी मुख्यमंत्री हस्तिनापुर नहीं पहुंचा है। इससे पहले मुख्यमंत्री नोएडा भी जाने से कतराते थे, किंतु यहां योगी ने कई बार दौरा कर राजनीतिक टोटका तोड़ दिया। अब हस्तिनापुर के बहाने प्रदेश में बड़ा संदेश देंगे। पार्टी 2022 विस चुनावों के मोड में आ चुकी है, ऐसे में पार्टी मुख्यमंत्री के दौरे के बहाने पश्चिम उप्र में नया धार्मिक और भावनात्मक सर्किट बनाएगी। इससे पहले योगी शुक्रताल, गढ़मुक्तेश्वर और बिजनौर बैराज जा चुके हैं। पिछले साल तकरीबन इसी मौसम में कांवड़भक्तों के सैलाब पर पुष्पवर्षा कर चुके हैं। सियासी जानकारों की मानें तो कांवड यात्रा स्थगित है, ऐसे में इसकी प्रतिपूर्ति पार्टी हस्तिनापुर के दौरे से करेगी। सीएम योगी गंगा यात्रा, गंगा गांव, कांवड़ भक्तों और हस्तिनापुर के धार्मिक और पौराणिक महत्व पर खुलकर बोल सकते हैं। कोई बड़ी घोषणा भी की जा सकती है।

...प्राचीन नगर में विकास की रखेंगे नई रूपरेखा

पिछले साल केंद्र सरकार ने हस्तिनापुर में राष्टीय संग्रहालय घोषित किया था, जिसके तहत बड़े पैमाने पर विकास कार्य होंगे। माना जा रहा है कि सीएम योगी महाभारतकालीन इस नगर के विकास की नई रूपरेखा तय करेंगे। हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बौद्ध सर्किट को लेकर प्रदेश सरकार के प्रयासों को सराहा था, ऐसे में महाभारत सर्किट की मांग भी तेज होगी। विधायक दिनेश खटीक इस संदर्भ में कई बार सीएम योगी से मिलकर अपनी मांग रख चुके हैं। सीएम योगी गंगा पूजन से लेकर धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व के पौधों को रोपकर बड़ा संदेश दे सकते हैं। उधर, गंगा नदी पर लंबे समय से बन रहे पुल में तेजी आने की उम्मीद है। इस पुल के बनने से चांदपुर बिजनौर और ठाकुरद्वारा मुरादाबाद का रास्ता सुगम और छोटा हो जाएगा। 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस