मेरठ, जेएनएन। नोएडा में डीएम को हटाकर अपना गुस्सा जताने के बाद मुख्यमंत्री को मंगलवार सुबह मेरठ आना था। लेकिन सुबह अचानक उन्होंने मेरठ आने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। मुख्यमंत्री का दौरा टलने पर अफसरों ने राहत की सांस ली। लेकिन सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री ने अपना दौरा यह कहकर टाला है कि पूर्व जानकारी होने के कारण अफसरों ने उन्हें दिखाने के लिए तमाम तैयारियां कर ली हैं। अब वे मेरठ में अचानक पहुंचकर सच्चाई से रूबरू होंगे। कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने दोपहर 12 बजे ही अफसरों की बैठक लेकर उन्हें इस बारे में चेताया भी है।

डीएम ने अफसरों के साथ की मीटिंग

नोएडा भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री का गुस्सा चरम पर था। डीएम को सार्वजनिक रूप से डांट के बाद उन्हें हटाने से प्रदेश के अफसरों में डर पैदा हो गया है। चूंकि मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री को मेरठ का दौरा करना था लिहाजा यहां भी अफसरों में खौफ साफ दिखाई दे रहा था। सुबह ग्यारह बजे तक हर कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारी में जुटा था। अचानक मुख्यमंत्री ने मेरठ आने का कार्यक्रम रद कर दिया। यह सुनते ही खौफ में घिरे अफसरों के चेहरे खिल गए। उन्होंने राहत की सांस ली। डीएम ने भी काफी देर तक बचत भवन में बैठक अफसरों के साथ बैठकर खुद को सामान्य किया। लेकिन पार्टी सूत्रों की माने तो मेरठ में हालात गंभीर हैं।

कई विभागों पर गिर सकती है गाज

कोरोना पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिससे मुख्यमंत्री खासे नाराज हैं। सूत्रों का कहना है कि अब मुख्यमंत्री मेरठ में कभी भी औचक निरीक्षण करेंगे। उस निरीक्षण में सफाई, चिकित्सा व्यवस्था और लॉकडाउन में लापरवाही की जो सच्चाई मिलेगी उस पर कई विभागों पर गाज गिर सकती है। कमिश्नर अनीता सी मेश्राम को इसकी जानकारी है। लिहाजा उन्होंने दौरा टलने के कुछ देर बाद ही बचत भवन सभागार में डीएम, सीडीओ समेत सभी विभागों के अफसरों की बैठक बुला ली और उन्हें इसे लेकर सतर्क किया। 

Posted By: Prem Bhatt

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