मेरठ,जेएनएन। देहात क्षेत्र के गांव जलालपुर आक्खेपुर के जंगल में सोलर पावर प्लांट का काम बीते दिनों से अधर में लटका हुआ था। किसान निजी कंपनी पर कम दामों में जमीन खरीदने और बागबानी का सपना दिखाकर सोलर पावर प्लांट लगाने का आरोप लगाकर धरना दे रहे थे। गुरुवार को एसडीएम ने कंपनी के अफसरों व किसानों को दस्तावेज लेकर बुलाया था। कागजों की जांच के बाद एसडीएम ने स्पष्ट कर दिया। कंपनी सोलर प्लांट निर्माण का कार्य कर सकती है। वहीं, किसानों को चेतावनी दी। यदि सोलर प्लांट पर धरना दिया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जलालपुर आक्खेपुर, दौलतपुर व भामौैरी के जंगल में कई दिनों से सोलर पावर प्लांट पर किसान धरना दे रहे थे। इसके चलते कार्य ठप पड़ा हुआ है। हालांकि, बुधवार को सपा नेता अतुल प्रधान किसानों के समर्थन में पहुंचे थे। वहीं, एसडीएम अमित कुमार भारतीय व सीओ आरपी शाही ने कंपनी के अफसरों व किसानों को दस्तावेज लेकर गुरुवार को तहसील में बुलाया था। एसडीएम ने दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच की। घंटों की जांच के बाद एसडीएम ने किसानों से कहा कि कंपनी ने जमीन खरीदने में धोखाधड़ी नहीं की है। अगर सोलर पावर प्लांट पर धरना दिया तो कार्रवाई की जाएगी।

उधर, वहां पहुंचे भाकियू भानू महिला मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव ठाकुर मनीषा सोम ने बताया कि किसानों से आज उनके दस्तावेज लिए जाएंगे। इसके बाद आगे की रणनीति बनेगी। अगर मामला सही होगा तो प्रशासन से बात की जाएगी।

कंपनी के अफसरों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज

सोलर पावर प्लांट पर किसानों के धरने के चलते काम ठप पड़ा था। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर तनुज यादव व अमरीश द्विवेदी ने गुरुवार को थाने में तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने मोहित, अंकुश, कालू, विजेंद्र, राजकुमार, उदयवीर, सोनू, रवि, नरेंद्र व तेजपाल सहित 15 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।