मेरठ,जेएनएन। पंचायत चुनावों में भाजपा प्रत्याशी उतारने की घोषणा कर चुकी है, लेकिन पार्टी को अंदरुनी घमासान की भी चिंता है। मंडलों के साथ मीटिंग में जो नाम तय हुए थे, उसमें से कई जिला इकाई को रास नहीं आए। वहीं विधायकों ने अपनी पसंद के नामों की सूची आगे बढ़ाकर संगठन को और कशमकश में डाल दिया है। जिला पंचायत सदस्यों की सूची दस अप्रैल के आसपास जारी हो सकती है।

भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, प्रदेश मंत्री एवं पंचायत चुनावों के प्रभारी संजय राय, संजीव गोयल सिक्का, जिलाध्यक्ष अनुज राठी, क्षेत्रीय महामंत्री विकास अग्रवाल और इंद्रपाल बजरंगी समेत कई अन्य ने देर रात तक सभी 33 वार्डो के दावेदारों के नामों को दोबारा खंगाला। चंद दिन पहले एक सूची बनाकर क्षेत्रीय टीम को सौंपी गई थी, जिसमें कई नामों पर घमासान छिड़ गया है। पदाधिकारियों की मानें तो विधायकों ने मंडल अध्यक्षों से मिलीभगत कर अपने पसंद के नामों की सूची क्षेत्रीय टीम को सौंप दी। उधर, जिले की टीम ने इसमें कई नामों पर आपत्ति लगा दी, जिससे पार्टी में बागियों की नई खेप खड़ी हो सकती है। मेरठ में खासकर वार्ड 13, 14, 32, 25 और 26 में दावेदारों की समीकरण बुरी तरह उलझ गए हैं, जिससे सुलझाने के लिए क्षेत्रीय कार्यालय में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। ..दिग्गजों पर भी दाव खेलेगी पार्टी

प्रथम चरण में तीन जिलों में पंचायत चुनावों को लेकर पार्टी ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर बड़ा संकेत दिया है। विस के पूर्व प्रत्याशियों एवं पूर्व जिलाध्यक्षों समेत अहम ओहदों पर रहे लोगों को चुनाव के लिए आगे किया गया है। सूची जारी होने के बाद मेरठ में पंचायत चुनावों की तैयारी करने वालों की धड़कन बढ़ गई है। यहा पर दस अप्रैल के आसपास उम्मीदवारों की सूची घोषित हो सकती है। उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष के दावेदार को लेकर पार्टी में असमंजस बना हुआ है। वेस्ट यूपी में पहले चरण में रामपुर, गाजियाबाद एवं सहारनपुर में चुनाव होंगे। सहारनपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष विजेंद्र कश्यप, रामपुर के मोहनलाल सैनी एवं गाजियाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष वसंत त्यागी की पत्नी ममता त्यागी को उम्मीदवार बनाया गया है। सूची में ऐसे भी नाम शामिल किए गए हैं, जो विधानसभा चुनाव तक लड़ चुके हैं। मेरठ के 33 वार्डो के लिए कुल करीब सौ लोगों का नाम प्रदेश इकाई को भेजा गया है। भाजपा के दिग्गजों को चुनावी जंग में उतरने के लिए दूसरे वार्डो की तलाश है, जहा पहले से ही दूसरे चेहरे ताल ठोंक रहे हैं। इस बार पार्टी के कई दिग्गज चुनावी राउंड से बाहर हो सकते हैं। गत दिनों क्षेत्रीय कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक में कई बड़े नामों को लेकर खूब झिकझिक हुई। विधायकों ने अपनी पसंद के नाम जरूर दिए, लेकिन उन्हें जिताने का जिम्मा लेना होगा। इसी आधार पर विस टिकट पर उनकी दावेदारी का ग्राफ तय होगा। पंचायत चुनावों के दावेदारों में कई नाम ऐसे रहे, जिसे दावेदारी की सूची से बाहर रखा गया था। लेकिन खास सिफारिशों के बाद उनका नाम शामिल किया गया।