मेरठ। नगर निगम प्रशासन और ठेकेदार की मनमानी के चलते बागपत रोड पर मित्तल इंजीनियरिग व‌र्क्स से केएमसी हॉस्पिटल और गोशाला रोड पर मनीराम ढाबे से प्राचीन शिव मंदिर तक हालात बदतर हैं। नाला निर्माण की सुस्त चाल ने ऐसी नारकीय स्थिति पैदा कर दी है कि यहां के दुकानदारों का कारोबार ही ठप हो गया है। एक ओर सड़क पर भरे डेढ़ फीट नाले के पानी में लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं तो दूसरी ओर नाला निर्माण की सामग्री और मलबे के ढेरों ने रास्ता जाम कर दिया है। सोमवार को दैनिक जागरण ने जायजा लिया तो हालात खराब नजर आए।

30 मिनट में पांच लोग बाल-बाल बचे

मित्तल इंजीनियर व‌र्क्स से लेकर केएमसी हॉस्पिटल तक बागपत रोड पर नाले का गंदा पानी डेढ़ फिट भरा हुआ। दोपहर के एक बजे वाहनों की आवाजाही चरम पर थी। महज 30 मिनट के भीतर पांच लोग चोटिल होने से बचे। इनमें दो बाइक सवार शामिल थे तो एक टेंपों और एक कार पानी में छिपे गड्ढों में जा फंसी। वहीं, साइकिल से जा रहे मलियाना निवासी बीमार बबलू का मोबाइल जेब से छिटक कर पानी में गिर गया। साइकिल छोड़कर बबलू वाहनों की आवाजाही के बीच पानी में मोबाइल खोजता रहा। काफी देर बाद उनका मोबाइल मिल सका। साथ ही रिक्शे वाले तो यहां से निकलने की हिम्मत ही नहीं जुटा पा रहे। सड़क पर भरे दोनों छोर पर गंदे पानी के छींटे दुकानों में पहुंच रहे हैं। बैट्री, ऑटो पा‌र्ट्स समेत अन्य कारोबार करने वाले दुकानदारों ने बताया कि करीब तीस दिन से यही हालात हैं।

सिल्ट और निर्माण सामग्री सड़क पर

उधर, गोशाला रोड पर मनीराम ढाबे से प्राचीन शिव मंदिर तक नाले की सिल्ट दुकानों के सामने सड़क पर फेंक दी गई है। साथ ही निर्माण सामग्री ईंट, बालू भी सड़क पर फेंक दी गई है। दुकान तक आने-जाने के रास्ते तो बंद हैं, सड़क के शेष रास्ते में जाम से लोग जूझ रहे हैं। ढाबे वाले हों या फिर अन्य कारोबारी एक महीने से आमदनी को लेकर परेशान हैं। जबकि नियमानुसार नाले का निर्माण शुरू करने से पहले सिल्ट उठाया जाना था और वैकल्पिक नाली इतनी गहरी होनी चाहिए थी कि बागपत रोड से आने वाले पानी की निकासी अवरुद्ध न होती। लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने ठेकेदार पर ही सब कुछ छोड़कर लोगों को समस्या में डाल दिया।

इसलिए बनी है समस्या

गोशाला रोड पर मनीराम ढाबा से प्राचीन शिव मंदिर पर 200 मीटर लंबे नाले का पक्का निर्माण किया जा रहा है। जिसके कारण मनीराम ढाबे के पास नाले को बंद कर दिया गया। हालांकि जलनिकासी के लिए बगल से वैकल्पिक नाली बनाई गई है। लेकिन संकरी होने के कारण बागपत रोड नाले से आ रहे पानी की निकासी संभव नहीं है।

तेज गति से हो निर्माण..

नाला निर्माण धीमी गति से किया जा रहा है। तीस दिन बीत गए हैं अभी पचास फीसद कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। दावे पांच कारीगर लगाने के हैं पर मौके पर दो ही मौजूद थे। ठेकेदार मनमानी कार्य कर रहा है। नगर निगम के अधिकारियों की कोई मॉनीटरिग नहीं है। दिल्ली रोड और बागपत रोड का ट्रैफिक देखते हुए तीव्र गति से यहां कार्य कराए जाने की आवश्यकता है।

लोगों ने बयां किया दर्द

एक महीना हो गया है। दुकान के सामने के हालात नारकीय हो गए हैं। दुकान तक ग्राहक भी नहीं आ पा रहे। दिल्ली से दुकानदारी करने रोज आते हैं, खाली जेब जाने को मजबूर हैं।

गुलशन कुमार टुल्ली।

कारोबार चौपट हो गया है। 100 रुपये का भी कारोबार नहीं हो रहा है। दुकान के सामने पानी भरा होने से ग्राहक नहीं आ रहे हैं।

संजय कुमार जिंदल।

कई बार नगर निगम के अधिकारियों को फोन कर चुके हैं। लेकिन एक भी अधिकारी ने मौके पर आकर स्थिति देखना भी मुनासिब नहीं समझा, न ही नेता आए हैं।

देवेंद्र सेठी।

दुकान के सामने भरे पानी में बैट्री रखकर निकलने का इंतजाम किया है। गंदे पानी के छींटे दुकान में आने से बैठना भी संभव नहीं है। दुर्गंध ने बीमार कर दिया है।

सुनील नैयर।

यहां का बुरा हाल है। सड़क पर भरे पानी में लोग गिर रहे हैं। दिल्ली की फैमिली कार से शादी में जा रही थी। पहिया गड्ढे में फंस गया। गंदे पानी में उतरकर पहिया बदलाया। फिर गए।

मनमोहन सिंह।

पानी से गुजर रहा था। बाइक गड्ढे में फंस गई। जिससे गिर पड़ा। चेहरे पर चोट आई है। कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है। न पुलिस न नगर निगम कोई सुनने वाला नहीं।

कल्लू। नाला निर्माण का कार्य तीव्र गति से होना चाहिए। सारी सिल्ट और सामग्री सड़क पर है। अनियोजित कार्य हो रहा है। जाम तो है ही कारोबार भी चौपट हो गया है।

राजकुमार प्रधान।

Posted By: Jagran

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