मेरठ, जेएनएन। नगर निगम के प्रबंधन वाले सरदार पटेल इंटर कॉलेज ब्रह्रमपुरी में वर्ष 1986 से 2009 के बीच हुई शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियों में धांधली का आरोप है। एमएलसी प्रदीप जाटव ने मुख्यमंत्री से शिकायत करके फर्जी दस्तावेजों से नियुक्त करने और उसके बदले में करोड़ों रुपये की वसूली का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री के आदेश पर कमिश्नर ने सीडीओ ईशा दुहन और नगर आयुक्त समेत तीन अधिकारियों की जांच समिति गठित कर आरोपों की विस्तृत जांच का आदेश दिया है।

निगम के अधिकारी करते हैं प्रबंधन

ब्रह्रमपुरी में शारदा रोड चौराहा स्थित सरदार पटेल इंटर कॉलेज नगर निगम का है। निगम के अधिकारी उसका प्रबंधन करते हैं। इस इंटर कॉलेज में वर्ष 1986 से 2009 के बीच शिक्षकों और कर्मचारियों की तमाम नियुक्तियां हुईं। एमएलसी प्रदीप कुमार जाटव ने मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि अधिकांश नियुक्तियां फर्जी दस्तावेजों से की गईं। जिसके बदले में करोड़ों रुपये की वसूली की गई। उन्होंने जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है। जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने कमिश्नर मेरठ मंडल को जांच और कार्रवाई का आदेश दिया है।

प्रधानाचार्य की रिपोर्ट से कमिश्नर नाराज

कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश मिलने पर इस मामले में सबसे पहले नगर आयुक्त से रिपोर्ट मांगी थी। नगर आयुक्त ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से रिपोर्ट प्राप्त की और वही रिपोर्ट सीधे कमिश्नर को भेज दी, जिससे कमिश्नर नाराज भी हुईं।

विद्यालय और निगम में हड़कंप

नगर निगम घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए बदनाम है। यह विद्यालय भी नगर निगम का है। इसका प्रबंधन नगर निगम के अधिकारी ही करते हैं। प्रत्येक कार्य के लिए विद्यालय स्टाफ को भी निगम से ही अनुमति प्राप्त करनी होती है। जांच शुरू होने से विद्यालय स्टाफ के साथ-साथ नगर निगम अफसरों में भी हड़कंप मचा है।

तीन अफसरों की समिति करेगी विस्तृत जांच

कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने शिकायत की जांच के लिए सीडीओ ईशा दुहन, नगर आयुक्त डा. अरविंद चौरसिया समेत तीन वरिष्ठ अफसरों की समिति गठित की है। समिति को उन्होंने आरोपों की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया है। 

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