बुलंदशहर, जेएनएन। पूर्व विधायक हाजी अलीम के बहुचर्चित हत्याकांड को लेकर शुक्रवार को मेरठ सीबीसीआइडी ने बुलंदशहर सीजेएम न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस के अनुसार, चार्जशीट में बेटे अनस, नौकर साजिद और पूर्व विधायक के गार्ड रहे सिपाही शारिब का नाम शामिल है। धारा 302 में पेश की गई चार्जशीट में हत्या का कारण संपत्ति विवाद बताया गया है।

यह था मामला 

सदर सीट से दो बार बसपा से विधायक रहे हाजी अलीम शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ऊपरकोट में रहते थे। नौ अक्टूबर-2018 को उनका गोली लगा शव बेडरूम में पड़ा मिला था। मामले को शहर कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या बताकर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जबकि हाजी अलीम के बेटे अनस का कहना था कि उनके पिता की हत्या की गई है। उन्होंने शासन से इस केस की जांच सीबीआइ जांच की मांग की थी। शासन ने सीबीआइ जांच की अनुमति नहीं दी, लेकिन जांच सीबीसीआइडी मेरठ को सौंप दी थी। इंस्पेक्टर सुनील त्यागी जांच कर रहे थे।

जांच के दौरान मामले में नया मोड़ आया और जांच एजेंसी ने 12 मार्च-2020 को उसी बेटे अनस को जेल भेज दिया, जिसने जांच की मांग की थी। इसके अलावा एजेंसी ने नौकर साजिद और सिपाही शारिब को भी जेल भेजा था। सीओ सिटी राघवेंद्र मिश्र ने बताया कि उनके पास चार्जशीट आने की सूचना पैरोकार के द्वारा आई है। विवेचक ने चुपचाप चार्जशीट कोर्ट में पेश की है।

चार्जशीट में हत्या की ये वजह बताईं

-दूसरी पत्नी से पैदा हुई पुत्री के नाम से पूर्व विधायक द्वारा एक कंपनी बनाना।

- पूर्व विधायक द्वारा अपनी संपत्ति को सभी बच्चों एवं पत्नियों में बंटवारा करने की इच्छा।

-पूर्व विधायक द्वारा संपत्ति को बंटवारे के लिए वसीयत बनाने की योजना।

-घटना से करीब 20 दिन पहले पूर्व विधायक द्वारा दो पुत्रों की पिटाई करना।

अनस ने चाचा पर लगाए थे पांच करोड़ देकर जांच बदलने के आरोप

अनस को सीअीसीआइडी ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उसी समय मेरठ में प्रेसवार्ता करके अनस के भाई ने आरोप लगाया था कि उसके चाचा ने पिता की संपत्ति को लेकर हत्या कराई है। उन्होंने ही सीबीसीआइडी को पांच करोड़ रुपये देकर अनस को जेल भिजवाया है। इस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंची तो शासन के आदेश पर अनस के भाई जैद की शिकायत की जांच बरेली सीबीसीआइडी की एसपी प्रज्ञा मिश्रा को सौंप दी थी। इसकी जांच अभी जारी है।

18 मई को आरोप पत्र  कोर्ट में दाखिल

हाजी अलीम के बेटे अनस को गिरफ्तार करने के बाद 18 मई को सीबीसीआइडी ने मुकदमे में आरोप पत्र  कोर्ट में दाखिल कर दिया था। आरोप पत्र में अनस और साजिद को आइपीसी की धारा 120, 302 के तहत मुलजिम बनाया गया, जबकि सिपाही को 302 का मुलजिम बनाया गया है। आरोप पत्र में फॉरेंसिक एवं इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी लगाए गए हैं। साथी अलीम की पत्नी फरहा भी मुख्य गवाह बनी है। अलीम अपनी वसीयत पत्नी फराह और बेटी के नाम करना चाह रहे थे। उसी के चलते अलीम की हत्या की साजिस बेटे अनस ने रची थी। - मोहिनी पाठक, एसपी सीबीसीआइडी 

Posted By: Prem Bhatt

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