मेरठ, जेएनएन। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन शनिवार को मेरठ सहित वेस्‍ट यूपी के कई जिलों में मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है। यहां के मंदिरों में आस्‍था और श्रद्धा का सैलाब नजर आया। हालांकि लोगों ने घर पर घट स्‍थापना करके माता रानी का पूजन किया। आज हर ओर नवरात्र का उल्‍लास है। शनिवार को चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन से सहारनपुर के सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी मंदिर पर मेला शुरू हो गया है। रात भर श्रद्धालुओं के वाहन सिद्धपीठ की ओर दौड़ते रहे। आज महिलाओं ने व्रत भी रखा है।

सुबह चार बजे से खुल गए कपाट

भूरा देव मंदिर पर प्रथम पूजा के लिए प्रातः 4:00 मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन के लिए खोल दिए गए थे। जबकि माता शाकंभरी का दरबार माता के श्रृंगार एवं पूजन के उपरांत 5:00 बजे भक्तों के लिए खोला गया ।इस बीच माता की महाआरती चलती रही और भक्त जगत जननी के दर्शन कर धर्म लाभ उठाते रहे। भक्तों की भीड़ को देखते हुए पुलिस भी भोर से ही मुस्तैद हो गई थी। बाबा भूरा देव व माता के मंदिर पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी है। श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

बिजनौर में आस्‍था का सैलाब

बिजनौर में शनिवार से नवरात्र पर्व शुरू होने के उपलक्ष्य मे कालिक और चामुंडा मंदिर मे मां का विशेष शंगार किया गया। दोनो मंदिरों में बेहद भीड़ दिखी। लोगों ने घरों में भी पूजा अर्चना की। कलश स्थापना की। दोनों मंदिरों में शाम को विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा। दोनों मंदिरो मंदिर समिति के पदाधिकारी व्यवस्था संभाल रहे थे।

मां के दरबार में गूंजे जयकारे

बागपत जिले में नवरात्र शनिवार से शुरू हो गए है। सुबह से घरों में श्रद्धालु पूजा अर्चना कर रहे है। वहीं मंदिरों में मां भगवती के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा करने के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे है। मां के दरबार में श्रद्धालुओं ने माथा टेका। विधि विधान से पूजन किया। भक्तों ने व्रत रखकर मां की आराधना की। सुख शांति की कामनाएं की। भजन और कीर्तन से मंदिर गुजाएंमान हो गए है। सभी मंदिरों सुबह से भक्तों का ताता लगा रहा है। बाजारों में खाद्य सामग्री और पूजन सामग्री खरीदने के लिए श्रद्धालु पहुंचे।

वहीं अमीनगर सराय में अयुतार्द्ध चंडी महायज्ञ विधि विधान से शुरू हो गया है। दोपहर में श्रीमद्देवी भागवत महापुराण कथा का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में संतों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। भक्त में संतों का सानिध्य प्राप्त कर रहे है। वहीं मुजफ्फरनगर के छपार में श्री विश्वनाथ शिव मंदिर के द्वारा नवरात्रि के अवसर पर शाकुम्भरी देवी से मां की जोत लेकर आए श्रद्धालुओं ने झांकी निकाली। जो मुख्य मार्गो से होकर मंदिर में समाप्त हुई। 

गूंज रहे माता के जयकारे

शामली में भी चैत्र नवरात्र शनिवार से शुरू हो गए हैं। पहले दिन घटस्थापना हो रही है और मां के शैलपुत्री रूप की पूजा की जा रही है। श्रद्धालु मंदिरों में भी पहुंच रहे हैं और माता के जयकारे गूंज रहे हैं। नवरात्र के पहले दिन शहर के मंदिर हनुमान धाम स्थित श्री दुर्गा मंदिर, सब्जी मंडी स्थित अट्ठे वाला दुर्गा मंदिर, राजो मोहल्ला स्थित श्री चौदस वाला दुर्गा मंदिर, माता वैष्णो मंदिर में पहुंचकर श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित प्रभुशंकर शास्त्री ने बताया कि नवरात्र का आरंभ मां शैलपुत्री की पूजा से होता है। वह पूर्व जन्म में भगवान शिव की पत्नी सती थी। शिव का अपमान वह सहन नहीं कर सकी थी और पिता दक्ष के यज्ञ का विध्वंस कर स्वयं को भस्म कर लिया था। अगले जन्म में उन्होंने शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म दिया था और इसलिए उन्हें मां शैलपुत्री कहा जाता है।

प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा

मवाना : मां दुर्गा के भक्तों ने शनिवार को नवरात्र का पहला व्रत रखा व घरों में घट स्थापित कर मां दुर्गा की प्रथम शक्ति मां शैलपुत्री की पूजा की गई। नगर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शनिवार को नवरात्र का पहला दिन था। मां दुर्गा के भक्तों ने नवरात्र में मां भगवती के अनुष्ठान के लिए व्रत रख घरों में पूजा स्थल पर विधिवत घट स्थापित किया और मां दुर्गा की प्रथम शक्ति मां शैलपुत्री की पूजा की। पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में सुबह श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर मां से सुख शांति और समृद्धि की कामना की। नगर के वैष्णो देवी, बडा महादेव मंदिर, दुर्गा मंदिर, झारखंड शिव मंदिर, पांडव चौक स्थित हनुमान मंदिर, गुड़ मंडी स्थित शिव मंदिर में मां भगवती की पूजा के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं नवरात्र के चलते बाजारों में किराना की दुकानों पर व्रत के सामान की खरीदारी के लिए ग्राहकों देखने को मिल रही है। जिससे बाजारों में चहल-पहल का आलम है।

Edited By: Prem Dutt Bhatt

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