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उपलब्धि: CCSU के आठ वैज्ञानिक विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत में शामिल

By Amit Tiwari Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 10 Oct 2026 05:55 AM (IST)

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के आठ वैज्ञानिकों को वर्ष 2026 की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची ...और पढ़ें

विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में वैज्ञानिक। सौ. स्वयं

विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में वैज्ञानिक। सौ. स्वयं

HighLights

  1. सीसीएसयू के आठ वैज्ञानिक शीर्ष 2% वैश्विक सूची में।

  2. शोध गतिविधियों और अकादमिक योगदान की बढ़ती पहचान।

  3. कुलपति ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व बताया।

जागरण संवाददाता, मेरठ। वर्ष 2026 की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के आठ वैज्ञानिकों को जगह मिली है। खास बात यह है कि वर्ष 2025 में इस सूची में सीसीएसयू के तीन वैज्ञानिक शामिल थे। एक साल में यह संख्या बढ़कर आठ हो गई है। यह उछाल विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों और वैज्ञानिकों के अकादमिक योगदान की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाती है।

इस सूची में विश्वविद्यालय के प्रो. पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता, प्रो. सुरेश वीर सिंह राणा, शोध निदेशक प्रो. बीर पाल सिंह, डा. सरू कुमारी, डा. विकास कुमार सिंह, डा. योगेंद्र कुमार गौतम, डा. वैशाली एम. पाटिल और डा. ज्योति सी. चौधरी शामिल हैं। इन वैज्ञानिकों का शोध पादप जीव विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान, नेटवर्किंग एवं दूरसंचार, विषविज्ञान, अनुप्रयुक्त भौतिकी, औषधीय एवं जैव-अणुक रसायन और रसायन विज्ञान जैसे विभिन्न विषयों से जुड़ा है।

विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची शोध एवं उद्धरण यानी साइटेशन संबंधी आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें स्कोपस के डेटा का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों के शोध प्रभाव का आकलन किया जाता है। इसके लिए कुल उद्धरण, एच-इंडेक्स, एचएम-इंडेक्स और कंपोजिट इंडिकेटर (सी-स्कोर) जैसे मानकों को ध्यान में रखा जाता है। चयन के लिए वैज्ञानिक का सी-स्कोर के आधार पर विश्व के शीर्ष एक लाख वैज्ञानिकों में स्थान होना या अपने संबंधित उपक्षेत्र में शीर्ष दो प्रतिशत में शामिल होना आवश्यक है।

वर्ष 2026 का यह संस्करण एक अगस्त 2026 के स्कोपस डेटा स्नैपशाट पर आधारित है। इसमें करियर के दौरान किए गए शोध के प्रभाव की गणना वर्ष 2025 के अंत तक के आंकड़ों के आधार पर की गई है, जबकि एकल वर्ष के शोध प्रभाव के लिए कैलेंडर वर्ष 2025 में प्राप्त उद्धरणों को आधार बनाया गया है। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय के आठ वैज्ञानिकों का विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व की बात है।

यह शिक्षकों और शोधार्थियों की मेहनत, शोध के प्रति समर्पण और अकादमिक उत्कृष्टता का परिणाम है। उन्होंने शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों से इस उपलब्धि से प्रेरणा लेकर शोध एवं नवाचार को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।