CCSU में बड़ा विवाद: कैंपस में प्रवेश से बैन हुए छात्रों ने VC की 'नो एंट्री' की उठाई मांग
Chaudhary Charan Singh University: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में 143 प्रतिबंधित छात्रों ने कुलपति संगीता शुक्ला पर करोड़ों के भ्रष्टाचार ...और पढ़ें

HighLights
सीसीएसयू ने 143 छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिबंधित किया।
प्रतिबंधित छात्रों ने कुलपति पर करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
छात्रों ने कुलपति के विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर रोक की मांग की।
जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से सत्र 2026-27 के लिए 143 प्रतिबंधित छात्रों की सूची जारी की गई है, जिन्हें विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
इन प्रतिबंधित छात्रों ने कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके नाम से एक पत्र जारी किया है, जिसमें कुलपति के परिसर में प्रवेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
छात्र नेता अक्षय बैंसला के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में कुलपति पर विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। यह पत्र उन्होंने कुलपति कार्यालय को ही भेजा है। सोमवार को जारी इस पत्र में कहा है कि छात्र-छात्राओं की बैठक में निर्णय लिया गया है कि कुलपति का विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित हो।
पत्र में दावा किया है कि कुलसचिव कार्यालय में कई छात्रों ने शिकायत की थी कि विश्वविद्यालय के कथित तौर पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया है। आरोप है कि कथित अनियमितताओं में कुलपति के साथ वित्त अधिकारी और इंजीनियर भी शामिल हैं। संबंधित मामलों में अब तक उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है, जिसे छात्रों ने घोर अनुशासनहीनता बताया है।
कुलसचिव अजय कृष्ण यादव ने मामले में जानकारी से अनभिज्ञता जताई। विश्वविद्यालय की प्रेस समिति के सदस्य प्रोफेसर मुकेश कुमार, प्रवीण कुमार व मितेन्द्र गुप्ता से इस पर विश्वविद्यालय का पक्ष फोन पर मांगा गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला से भी बातचीत का प्रयास किया। बातचीत नहीं होने पर उन्हें वाट्सएप पर संदेश दिया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला।
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
मेरठ : चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में सोमवार को लक्ष्य ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम के बाद युवकों के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इससे विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कुलसचिव अजय कृष्ण यादव का कहना है कि विश्वविद्यालय की सुरक्षा टीम वीडियो से युवकों की पहचान कर रही है। आयोजकों से भी पूछताछ की जाएगी।
