CCSU: एक सितंबर से ऑनलाइन भरे जाएंगे विषम सेमेस्टर परीक्षा फार्म, बैक-एक्स की मार्कशीट अपडेट कराने नहीं आना होगा कैंपस
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक और परास्नातक विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 12 नवंबर से शुरू होंगी, ...और पढ़ें

HighLights
30 अक्टूबर तक पूरे कराने होंगे प्रैक्टिकल और इंटरनल।
अंक नहीं भेजने वाले कालेजों के रोके जाएंगे प्रवेश पत्र।
जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की विषम सेमेस्टर परीक्षाओं की तैयारी शुरू हो गई है। प्रथम सेमेस्टर को छोड़कर अन्य विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 12 नवंबर से शुरू होंगी। इसके लिए एक सितंबर से आनलाइन परीक्षा फार्म भरे जाएंगे। कालेजों को 30 अक्टूबर तक प्रैक्टिकल और इंटरनल परीक्षाएं पूरी कराकर उनके अंक विश्वविद्यालय को भेजने होंगे। निर्धारित समय तक अंक नहीं भेजने वाले कालेजों के विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र रोक दिए जाएंगे।
सीसीएसयू में बुधवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था में कई अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी किए हैं। आनलाइन पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं भी अब आनलाइन कराने की तैयारी है। इसकी व्यवस्था तय करने के लिए विश्वविद्यालय ने समिति गठित कर दी है। समिति आनलाइन परीक्षा की प्रक्रिया और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं पर अपनी रिपोर्ट देगी।
बैक-एक्स परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को मार्कशीट अपडेट कराने के लिए अब विश्वविद्यालय परिसर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विश्वविद्यालय स्वयं ऐसे विद्यार्थियों की मार्कशीट अपडेट करेगा। अपडेट होने के बाद मार्कशीट संबंधित कालेज को भेज दी जाएगी, जहां से विद्यार्थी इसे प्राप्त कर सकेंगे। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
स्पेशल बैक में केवल एक-एक पेपर का मौका
विश्वविद्यालय ने स्पेशल बैक परीक्षा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। बीए, बीकाम, बीएससी, बीएससी कृषि (एनईपी), एलएलबी, बीबीए, बीसीए और बीए-एलएलबी में ही स्पेशल बैक की सुविधा मिलेगी। सामान्य पाठ्यक्रमों में यह सुविधा केवल पांचवें और छठे सेमेस्टर में होगी। दोनों सेमेस्टर से विद्यार्थी अधिकतम एक-एक पेपर की स्पेशल बैक परीक्षा दे सकेंगे। इससे अधिक पेपर की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पहले से चौथे सेमेस्टर तक स्पेशल बैक की सुविधा नहीं होगी। वहीं बीए-एलएलबी में स्पेशल बैक की सुविधा केवल सातवें और आठवें सेमेस्टर के लिए होगी और यहां भी दोनों सेमेस्टर से अधिकतम एक-एक पेपर की परीक्षा दी जा सकेगी। विश्वविद्यालय ने यह व्यवस्था सहारनपुर स्थित मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय की तर्ज पर तय की है।
बीपीएड प्रैक्टिकल में बीपीएड शिक्षक ही बनेंगे परीक्षक
प्रैक्टिकल परीक्षाओं में परीक्षक नियुक्त करने की व्यवस्था भी स्पष्ट की गई है। बीपीएड की प्रैक्टिकल परीक्षा में अब बीपीएड के शिक्षक ही परीक्षक बनाए जाएंगे। अन्य पाठ्यक्रमों की प्रैक्टिकल परीक्षा में कालेज के शिक्षक आंतरिक परीक्षक होंगे, जबकि बाह्य परीक्षक विश्वविद्यालय की ओर से भेजेंगे। हालांकि बीएड को इस व्यवस्था से अलग रखा गया है।
चुनौती मूल्यांकन भी आनस्क्रीन
उत्तर पुस्तिकाओं के चुनौती मूल्यांकन की प्रक्रिया भी अब आनस्क्रीन होगी। विश्वविद्यालय परीक्षा व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में चुनौती मूल्यांकन को आनस्क्रीन करने जा रहा है। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ परिणाम संबंधी कार्यों में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलेगी।
परीक्षा से जुड़े प्रमुख निर्णय
- एक सितंबर से विषम सेमेस्टर के आनलाइन परीक्षा फार्म
- 30 अक्टूबर तक प्रैक्टिकल और इंटरनल परीक्षाएं पूरी कर अंक भेजने की अंतिम अवधि
- 12 नवंबर से प्रथम सेमेस्टर को छोड़कर यूजी-पीजी की विषम सेमेस्टर परीक्षाएं
- इंटरनल व प्रैक्टिकल अंक समय से नहीं भेजने वाले कालेजों के विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र रोके जाएंगे
