मेरठ, जेएनएन। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2021 से नई शिक्षा नीति लागू की जाएगी। बुधवार को विद्वत परिषद की बैठक में नए पाठ्यक्रम को अनुमोदित कर दिया गया। नए पाठ्यक्रम में छात्रों को मुख्य विषयों के साथ स्किल आधारित कोर्स भी करने होंगे। कुल 26 विषय के सिलेबस को अनुमोदित किया गया।

बीटेक ऑनर्स की डिग्री भी

कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा की अध्यक्षता में हुई परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में संचालित सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक ऑनर्स की डिग्री भी शुरू की जाएगी। परिषद ने रामचरितमानस में विज्ञान और श्रीमद्भागवत गीता में विज्ञान के सिलेबस को माइनर सब्जेक्ट में शामिल किया है। प्रोफेसर एमके गुप्ता के सुझाव पर स्नातक में कंप्यूटर साइंस को उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त सिलेबस के आधार को ही मान लिया गया है।

बैठक में यह तय किया

कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा ने कहा कि नई शिक्षा नीति नेशनल एजुकेशन के कई पहलू हैं। जिसमें छात्रों को गुणवत्ता परक शिक्षा देने के साथ-साथ संस्थान को भी अपनी गुणवत्ता को बनाए रखने की चुनौती है। परिषद की बैठक में डीलिट् और डीएससी के ऑर्डिनेंस को भी स्वीकार कर लिया गया। जिसमें तय किया गया है कि डीलिट् और डीएससी करने वाले कम से कम 10 पेपर में अपने जर्नल को प्रकाशित करना होगा। इसमें यूजीसी के कैटेगरी वन को ही शामिल किया गया है। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में प्रति कुलपति प्रोफ़ेसर वाई विमला, रजिस्टार धीरेंद्र कुमार, प्रोफेसर एमके गुप्ता, प्रोफेसर नवीन चंद्र लोहनी, प्रोफेसर एसएस गौरव, प्रोफेसर हरे कृष्ण, प्रोफ़ेसर जयमाला, डॉ स्नेह लता, डॉ दिव्या नाथ, सहित सभी संकायाध्यक्ष, कालेजों के प्राचार्य अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

Edited By: Prem Dutt Bhatt