मेरठ,जागरण संवाददाता। मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कालेजों में इस सत्र से स्नातक में नई शिक्षा नीति लागू हो रही है। इसके तहत छात्रों को बहुविषय पढऩे की सुविधा मिलेगी, लेकिन सेल्फ फाइनेंस कालेजों में एनईपी (नई शिक्षा नीति) लागू होने को लेकर संशय है। ऐसे में इन कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी, इसे लेकर जल्द ही प्रवेश समिति की बैठक होने वाली है।

स्नातक के कोर्स भी शुरू

एनईपी के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर एक न्यूनतम पाठ्यक्रम तैयार किया जा चुका है। जल्द ही इसे विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट पर भी अपलोड कर देगा। विवि परिसर में इस सत्र से स्नातक के कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं। इसमें एनईपी लागू हो रही है। एनईपी में बीए, बीएससी, बीकाम में सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) शुरू किया जाएगा। अभी शासन की ओर से कालेजों को दिशा-निर्देश भी दिए जा चुके हैं, जिसमें कालेजों से कहा गया है कि वह प्रवेश लेने से पहले समय सारणी भी तैयार कर लें। इससे छात्रों को कालेज में प्रवेश लेते समय इसकी जानकारी मिल सके कि उन्हें कौन-कौन से विषय लेने हैं। करीब एक महीने बाद स्नातक में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

क्लस्टर बनाना होगा

वहीं, सीसीएसयू से जुड़े सेल्फ फाइनेंस कालेजों के सामने चुनौती बनी हुई है। सेल्फ फाइनेंस कालेज में जो विषय नहीं है, उस विषय के लिए उन्हें किसी अन्य सेल्फ फाइनेंस कालेज से करार करना होगा। जहां यह कोर्स संचालित है। इसके लिए कालेजों को आपस में क्लस्टर बनाना होगा। अभी कालेजों की ओर से इसकी पहल नहीं हुई है। कई सेल्फ फाइनेंस कालेजों में सिंगल फैकल्टी होने की वजह से एनईपी को सही से लागू करने में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में सीसीएसयू से जुड़े कालेजों में इस सत्र में दो तरह से कोर्स शुरू हो सकते हैं।

प्रवेश समिति की बैठक जल्द

सीसीएसयू की प्रतिकुलपति प्रो. वाई विमला का कहना है कि सेल्फ फाइनेंस कालेजों में फैकल्टी की समस्या आ रही है। एक कालेज से दूसरे कालेज का क्लस्टर भी बनना है। जल्द ही प्रवेश समिति की बैठक होगी। इसमें इन विषयों का हल तलाशा जाएगा।

Edited By: Prem Dutt Bhatt