CCSU: एलएलएम की पहली मेरिट से आज से प्रवेश, बीपीएड में भी एडमिशन का मौका
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने एलएलएम और बीपीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पहली मेरिट सूची जारी कर दी है। निर्धारित तिथि तक छात्र प्रवेश ले सकते हैं।

HighLights
सीसीएसयू ने एलएलएम की पहली मेरिट सूची जारी की।
एलएलएम प्रवेश 15, 16 और 17 अक्टूबर को होंगे।
बीपीएड प्रवेश 22 अक्टूबर तक, फिर प्रतीक्षा सूची।
जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने परिसर और संबद्ध कालेजों में संचालित एलएलएम पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पहली मेरिट जारी कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से बुधवार शाम पहली मेरिट जारी करते हुए तीन दिनों के प्रवेश का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है।
एलएलएम में पहली मेरिट से 15, 16 और 17 अक्टूबर को प्रवेश होंगे। 17 अक्टूबर तक हुए सभी प्रवेश कन्फर्म करना अनिवार्य है। प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी अपनी लागिन आइडी से अपना पंजीकरण फार्म और आफर लेटर डाउनलोड करेंगे।
पंजीकरण फार्म और आफर लेटर के साथ अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को लेकर संबंधित कालेज या परिसर के विभाग में जमा कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करेंगे। पहली मेरिट में आने वाले विद्यार्थी यदि किसी कारण प्रवेश लेने से चूकते हैं तो उन्हें ओपन मेरिट में ही प्रवेश का अवसर मिलेगा।
बीपीएड में मेरिट सूची के प्रवेश 22 तक
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने परिसर और कालेजों में संचालित बीपीएड पाठ्यक्रम सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए कार्यक्रम जारी किया है। मेरिट में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को 22 अक्टूबर तक अपने कागजात व शुल्क संबंधित विभाग व कालेज में जमा कराएंगे। इसके बाद 23 से 30 अक्टूबर तक प्रतीक्षा सूची में स्थान पाने वालों को प्रवेश का मौका मिलेगा। वरीयता सूची में शामिल जो विद्यार्थी प्रवेश नहीं लेंगे, उनका अभ्यर्थन स्वत: समाप्त हो जाएगा और उनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची से प्रवेश दे दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने कालेजों को प्रवेश देने से पूर्व अभ्यर्थियों के कागजातों की जांच करने को कहा है।
तकनीकी कार्यशाला आयोजित
मोदीपुरम (वि) : सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कालेज आफ टेक्नोलाजी में बुधवार को सीएसटी स्टूडियो सुइट पर एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला आयोजित की गई।
इसमें विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और औद्योगिक क्षेत्र में उसकी उपयोगिता की जानकारी दी गई। कार्यशाला का आयोजन कुलपति डा. त्रिवेणी दत्त के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के 150वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में किया गया
