मेरठ, जेएनएन। CBSE Class 12 Result 2020 कोई भी परीक्षा हो, छात्र-छात्राओं की यही इच्छा होती है कि वह टॉप पर रहें। हर स्कूल में कुछ छात्र ही टॉपर होते हैं, लेकिन ऐसा भी नहीं टॉप होने से ही आगे सफलता मिलती है। कई बार कुछ छात्र एक-दो नंबर से टॉपर बनने से पीछे रह जाते हैं, तो उनके अंदर निराशा का भाव आ जाता है। जबकि बारहवीं के छात्रों को अब अंक की चिंता नहीं करनी चाहिए।

अनुशासन के साथ आगे बढ़े

सीबीएसई की काउंसलर डा. पूनम देवदत्त का कहना है कि जिन छात्रों ने उम्मीद से अधिक अंक पाकर टॉपर की दौड़ में शामिल हैं, वह कुछ समय अपने अंक को लेकर जश्न मना सकते हैं, लेकिन यह समय खुद को संभालने के साथ अनुशासन के साथ आगे बढऩे के लिए होता है। आगे प्रतियोगिता का दायरा बढ़ता जाएगा। इसलिए अपने लक्ष्य को पाने के लिए रेगुलर मेहनत करने की आदत को नहीं छोडऩा चाहिए। कई जगह 12वीं के अंक के आधार पर स्नातक कक्षाओं में प्रवेश मिलते हैं, 98 फीसद से ऊपर वाले छात्रों को डीयू जैसे कॉलेजों में प्रवेश मिल जाता है, लेकिन इससे कम पाने वाले छात्रों को भी घबराने की जरूरत नहीं है, वह अपनी रुचियों के हिसाब से विषय का चयन कर आगे बढ़ सकते हैं।

बच्चे को उलाहना मत दें

कई बार छात्रों को उम्मीद से कम अंक मिल जाते हैं, या फिर किसी विषय में फेल होने की भी स्थिति बन जाती है, ऐसे समय में छात्रों को खुद मंथन करते हुए अपनी कमजोरियों को तलाशने और उसे दूर करने का प्रयास करना चाहिए। डा. पूनम देवदत्त कहती हैं कि ऐसे समय में अभिभावकों को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बच्चों के सामने नकारात्मक बात नहीं करनी चाहिए। वह किसी से तुलना करने की जगह बच्चे को समझाएं और उसे आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित करें। कई बार बच्चे अभिभावकों के डर से तनाव में आकर गलत कदम उठाने के लिए भी विवश हो जाते हैं। 

Posted By: Prem Bhatt

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