सहारनपुर, जेएनएन। वर्ष 2012 में गलत तरीके से खनन पट्टों का नवीनीकरण किए जाने तथा अवैध खनन के मामले में सीबीआइ द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच विलंबित होती जा रही है। बसपा के मौजूदा एमएलसी व एक पूर्व एमएलसी समेत दो तत्कालीन जिलाधिकारी आरोपित हैं। इनमें एक का निधन हो चुका है। अवैध खनन की जांच में जुटी सीबीआइ की टीम शुक्रवार को छठे दिन भी यहां रुककर जांच-पड़ताल में जुटी रही।

यह है मामला

यमुना नदी में हुए पट्टों के नवीनीकरण व अन्य स्थानों से अवैध खनन कर पर्यावरण व राजस्व को नुकसान पहुंचाने के मामले की जांच सीबीआइ कर रही है। यह जांच वर्ष 2012 से 2015 के बीच नवीनीकरण किए गए पट्टों से नियम विरुद्ध अवैध खनन करने के संबंध में है। अवैध खनन के मामले में सीबीआइ ने सितंबर 2019 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस रिपोर्ट में एमएलसी महमूद अली, पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल, हाजी इकबाल के पुत्र वाजिद, दिलशाद व अमित जैन के अलावा सहारनपुर के तत्कालीन डीएम पवन कुमार व अजय कुमार सिंह समेत 12 लोगों को आरोपित बनाया गया था। इनमें तत्कालीन डीएम अजय कुमार सिंह का निधन हो चुका है।

सीबीआइ की टीम इस मामले में सोमवार को सहारनपुर पहुंची थी और अभी तक यहीं रुकी हुई है। इस संबंध में जिला खान अधिकारी आशीष कुमार का कहना है कि उनका सीबीआइ की टीम के आने या न आने से कोई मतलब नहीं है, जिस दिन से टीम यहां आई है उसने उन्हें एक बार भी नहीं बुलाया है और न ही उन्होंने मुलाकात की है। संभव है कि सीबीआइ जिससे बात करना चाहती है, उसे सर्किट हाउस में बुलाकर अपनी जांच कर रही हो।

 

Edited By: Taruna Tayal