यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मेरठ में कैसीनो: ओक ट्री से पहले भी शहर के कई होटलों में लगा चुके है कैसीनों पर दांव
मेरठ में कैसीनो पूछताछ में लड़कियों ने खोली पोल शराब का जाम परसोने के अलावा भी देती थी अन्य सुविधा। ...और पढ़ें

मेरठ, जागरण संवाददाता। ओक ट्री रिसोर्ट के अंदर गोवा की तर्ज पर कैसीनों को संचालन कर बड़े पैमाने पर सटटा लगाया जा रहा है। यह पहली बार नहीं हुआ है। उससे पहले भी यह पार्टी शहर के अन्य नामचीन होटलों में हो चुकी थी। उन होटलों का भी रिकार्ड जुटाया जा रहा है। लड़कियों ने बताया कि शराब परोसने के साथ-साथ रकम के अनुसार सुविधा दी जाती थी। यह भी जानकारी मिली है कि कैसीनों पर तीन दिनों तक दांव लगाने की प्लानिंग की गई थी। दूसरे दिन दिल्ली से दस विदेशी लड़कियों को लाने के लिए आर्डर भी दिया गया था। पहले ही दिन पुलिस की टीम ने छापा मारकर 34 लड़के और नौ लड़कियों को पकड़ कर जेल भेज दिया।
फिल्मी स्टाइल में चल रहा था कैसीनाे
सोमवार को जेल से जमानत के लिए सभी कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद आरोप गंभीर बताते हुए जमानत निरस्त कर दी गई है। शनिवार की रात एसओजी की टीम ने वेद व्यासपुरी स्थित ओक ट्री रिसोर्ट के अंदर से छापा मारकर गोवा की तर्ज पर चल रहा कैसीनों पकड़ा। पुलिस ने मौके से 7.58 लाख की रकम और लग्जरी गाड़ियां एवं मोबाइल बरामद किए थे। पुलिस ने सभी 34 युवकों और नौ लड़कियों को मौके से पकड़कर जेल भेज दिया था। सभी आरोपित हरियाणा कैथल, दिल्ली, देहरादून, शामली, बागपत और गुजरात के रहने वाले है। पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उससे पहले भी शहर के कई होटलों में कैसीनों संचालित कर सटटा लगा रहे थे। ओक ट्री रिसोर्ट में भी तीन दिन की पार्टी रखी गई थी। यह पार्टी 15 से शुरू होकर 17 जुलाई को खत्म होनी थी। पुलिस ने 16 की रात को ही छापा मारकर आरोपितों को दबोच लिया। वरना 17 जुलाई को दिल्ली से दस अन्य विदेशी लड़कियों को भी बुलाया जा रहा था।
70 लाख की रकम मिलने की चर्चा
कैसीनों पर सटटा लगाने वाले हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और उत्तराखंड़ के रहने वाले बड़े लोग है। उनका रूतबा भी अपने जनपदों में है। कैसीनों के अंदर भी सभी आरोपित लाखों के दांव लगा रहे थे। उसके बाद भी कैसीनों के अंदर से साढ़े सात लाख की रकम बरामद होना बताया गया है। कचहरी में जमानत की सुनवाई पर आए आरोपितों में चर्चा है कि कैसीनों से करीब दस लाख की रकम बरामद की गई है, जबकि पुलिस ने मौके से साढ़े सात लाख की बरामदगी दिखाई है। एसपी क्राइम अनित कुमार का कहना है कि हमारी सूचना पर एएसपी विवेक यादव ने पुलिस टीम के साथ छापामारी की थी। मौके से मिली रकम और सभी सामान को मुकदमे का हिस्सा बनाया है।
सीओ क्राइम बने मुकदमे के वादी
परतापुर पुलिस ने अपनी तरफ से मुकदमा दर्ज करने से भी हाथ खींच लिए थे। उसके बाद सीओ क्राइम ब्रिजेश कुमार की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्हीं की तरफ से फर्द तैयार की गई है। सीओ की तरफ से दर्ज मुकदमे की विवेचना भी किसी राजपत्रित अधिकारी को दी जाएगी। परतापुर पुलिस के विवेचना करने पर आरोपित पक्ष सवाल उठा सकता है। पुलिस के कांवड़ यात्रा में बिजी रहने की वजह से निश्चित की थी डेट : कैसीनों चलाकर सटटा लगाने वालों ने कांवड़ यात्रा के दौरान डेट निश्चित की थी। उनका मानना था कि पुलिस कांवड़ यात्रा में डयूटी करेगी। इसी बीच होटल पर कोई ध्यान नहीं दिया जाएगा। आरोपितों का कहना है कि सटटा खेलने के लिए ऐसा ही त्यौहार चुनते है, जिसकी वजह से पुलिस का ध्यान इस तरफ नहीं रहे। हालांकि संबंधित थाने को सटटे की सूचना हमेशा रहती है।
बिग बाइट में भी पकड़ा गया था कैसीनों
बिग बाइट में भी करीब चार साल पहले पुलिस ने बिग बाइट होटल से भी कैसीनों पर सटटा खेलते हुए शहर के नामचिन लोगों को पकड़ा था। उसके बाद से यहां के लोगों से कैसीनों पर जनपद से बाहर सटटा खेलना शुरू कर दिया है। यही कारण है कि बाहर के लोग सटटा खेलने के लिए मेरठ के होटलों में आने लगे है। वर्जन..गोवा की तर्ज पर चल रहे सटटे के आरोपितों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। ताकि दोबारा से मेरठ में आकर इस धंधे को नहीं करें। पुलिस पड़ताल कर रही है कि इससे पहले किस किस होटल में आरोपित कैसीनों संचालित कर सटटा लगा चुके है।
- रोहित सजवाण, एसएसपी
