मुजफ्फरनगर, जेएनएन। हरिनगर गांव के जंगल से निकले तोप के गोले के मामले में 24 घंटे बाद भी पुरातत्व व सेना की टीम जांच को नहीं पहुंच पाई है। पुलिस ने अपनी देखरेख में गोले को शेरपुर के जंगल में जमीन में दबवा दिया है। दबाई गई जगह पर दिन रात पुलिस की निगाह है। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि बुधवार को टीम संभवत त्योहार के चलते नहीं आ पाई।

गुरुवार को टीम के आने की उम्मीद है। वहीं जनवरी में हरिनगर से ही तोप निकलवाने वाले नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारूकी ने जंगल में दबी और तोपों व गोलों को निकलवाने की प्रशासन से मांग की है। फारूकी का कहना है कि इस जंगल में और भी तोप व गोले दबे पड़े हैं। प्रशासन को अभियान चलाकर यहां से तोप व गोले निकलवाने चाहिए। इससे एक तो हमारे इतिहास का पता चलेगा, दूसरे गोलों के निकाले जाने से उनके फटने का डर दूर हो जाएगा।

साथ ही लोगों की जान पर मंडरा रहा खतरा भी कम हो जाएगा। शोध कार्यों में रुचि रखने वाले अशोक बालियान का कहना है कि पुरकाजी क्षेत्र में बड़े स्तर पर खुदाई होनी चाहिए, ताकि भूगर्भ के रहस्य से पर्दा उठ सके। साथ ही पुरातत्व विभाग की एक कार्यालय जनपद में खुलना चाहिए। 

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