यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चरित्र निर्माण के साथ रोल मॉडल तय कर देश को आगे ले जा सकता है युवा : पवन
विद्यार्थी व युवा वर्ग के लिए शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण बेहद आवश्यक है। चरित्र निर्माण के बिना देश की ...और पढ़ें

मेरठ । विद्यार्थी व युवा वर्ग के लिए शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण बेहद आवश्यक है। चरित्र निर्माण के बिना देश की तरक्की संभव नहीं है। आजकल युवा वर्ग रिलेशनशिप व नशे में बर्बाद हो रहा है। इसे हर हाल में रोकना होगा। सोशल मीडिया पर बैठकर देशभक्ति नहीं होती। उसके लिए हमें समाज में देशहित के लिए कार्य करने होंगे। रोल मॉडल तय कर युवा वर्ग देश को आगे ले जाने में बहुत कुछ कर सकता है। यह बात गुरुवार को देश के जाने-माने आध्यात्मिक गुरु, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व पावन चितन धारा आश्रम के संस्थापक पवन सिन्हा ने 'ग्रैंड यूथ मीट' में कही। आइआइएमटी विश्वविद्यालय में आयोजित 'युवा अभ्युदय मिशन' के तहत उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि राम व कृष्ण धर्म अध्यात्म से लेकर विदेश नीति, राजनीति शास्त्र, प्रबंधन, राष्ट्र नीति, नृत्य व संगीत आदि हर कला में पारंगत थे। इसलिए वे पूज्यनीय बने। संबोधन से पहले आइआइएमटी के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता के साथ मुख्य अतिथि ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम व भारत माता की जय के नारे लगाए। आयोजन को सफल बनाने में ज्ञानेंद्र सिंह, गर्वित विज, कमल श्रीवास्तव, रोहित केसरी, कन्व भल्ला, विनय कक्कड़, नेहा दुबे व प्रदीप उन्नी आदि शामिल रहे।
'कमजोर व डरपोक का नहीं होता चरित्र निर्माण'
पवन सिन्हा ने कहा कि व्यक्तित्व निर्माण डरपोक व कमजोर लोगों से नहीं होता है। मुगल व अंग्रेज इस बात को जानते थे, इसीलिए उन्होंने डरा-धमकाकर लंबे समय तक देश पर राज किया। इसी कारण देशवासियों को भारतीय संस्कृति से भी दूर कर दिया। उन्होंने कहा कि जो कौम प्रश्न नहीं करती, वह समाज में पिसती है।
'रिलेशनशिप व नशे में बर्बाद हो रहा युवा वर्ग'
युवाओं पर पवन सिन्हा ने कहा कि आधुनिकता के दौर में युवा वर्ग अपनी स्टडी लाइफ में रिलेशनशिप व नशे में बर्बाद हो रहा है। इस समय में यदि वह अपना चरित्र निर्माण और शिक्षा पर ध्यान दे, तो उसके साथ देश के भविष्य में भी सकारात्मक बदलाव निश्चित है।
'शैक्षिक संस्थानों में जरूरी हो मिलिट्री ट्रेनिग'
पवन सिन्हा ने कहा कि एक सैनिक से हमें एकाग्रता सीखनी चाहिए। विषम परिस्थितियों में भी वह समाज की रक्षा के लिए बंदूक हाथ में लिए बॉर्डर पर खड़ा रहता है। हमारे देश के शिक्षण संस्थानों में मिलिट्री ट्रेनिग लागू की जाए। जिससे हमारे युवा वर्ग की सोच बदले। स्कूलों में एनसीसी भी बच्चों के लिए कंपलसरी की जाए।
'एक बाग लगाएंगे, उसको महकाएंगे'
संबोधन से पहले युवा अभ्युदय मिशन की टोली में रचित शर्मा, आकांक्षा शर्मा, गर्वित शर्मा, हितांशी, हाíदक व मंजरी आदि ने'एक बाग लगाएंगे उसको महकाएंगे, नये दौर के हम कुछ पेड़ लगाएंगे' गीत पर शानदार प्रस्तुति दी।
इनका हुआ सम्मान
मुख्य अतिथि व वक्ता पवन सिन्हा ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल, जिलाध्यक्ष रविद्र भड़ाना, महानगर अध्यक्ष मुकेश सिघल, युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष वीनस शर्मा, महामंत्री संजय त्रिपाठी, मधु वत्स, ममता दीक्षित, रामकुमार शर्मा व प्रधानाचार्य वीपी सिंह आदि को शॉल व प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
