मेरठ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी, रालोद और कांग्रेस के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को कमिश्नर अनीता सी मेश्राम से आवास पर मुलाकात की। उन्होंने मुलाकात के दौरान गत शुक्रवार को हुए मेरठ बवाल की जांच निष्पक्षता से कराने की मांग की। मंगलवार को सुबह करीब 10:15 बजे विपक्षी दलों के नेता कमिश्नर से उनके आवास पर मिलने के लिए पहुंचे। वहां आईजी आलोक सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने शुक्रवार को हुई घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही नागरिकता संशोधन कानून को वापस लिए जाने की मांग की।उनका कहना था कि इस कानून को लेकर पूरे देश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

कोई निर्दोष परेशान नहीं हो

ऐसे में कानून में संशोधन नहीं वरन इसको वापस लिए जाना जरूरी है। कमिश्नर से मांग की शहर में शुक्रवार को हुई घटना की निष्पक्षता से जांच की जाए, ताकि कोई निर्दोष परेशान नहीं हो। उनका कहना था कि हिंसा की चपेट में आकर जो लोग मारे गए हैं, उनके मामले की भी गंभीरता से जांच की जाए। यह पता लगाया जाए कि आखिर वह किसकी गोली लगने से मरे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की की शांति समिति आदि की बैठकों में शहर के विपक्षी दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जाए, ताकि वह शांति व्यवस्था को कायम रखने में जिला प्रशासन की मदद कर सकें। इसके लिए एक सूची भी तैयार की जाए।

यह रहे मौजूद

कमिश्नर अनीता सी मेश्राम व आईजी आलोक सिंह ने विपक्षी दलों के नेताओं को उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। मिलने वालों में पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, डॉ मैराजुद्दीन पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, शहर विधायक रफीक अंसारी, रालोद जिलाध्यक्ष राहुल देव, सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह एडवोकेट, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अवनीश काजला शहर काजी समेत अन्य लोग प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे। 

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