मेरठ, जेएनएन : मेरठ ब्रांच ऑफ सेंट्रल इंडिया रिजनल कांउसिल आफ द इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउंटेंस आफ इंडिया से जुड़े सदस्यों ने सीए दिवस मनाया। संस्थान के 70 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने अपना संकल्प भी दोहराया कि वह देश की तरक्की में कदम बढ़ाते रहेंगे। सोमवार को सीए-डे पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। मैराथन, पौधरोपण, स्वच्छता से लेकर शाम को पूल पार्टी में सभी ने हिस्सा लिया।

मैराथन में सीए ने दिखाया दम

शुरुआत मैराथन दौड़ से हुई। ढ़ाई किलोमीटर की इस दौड़ में 200 से अधिक सीए सदस्यों ने प्रतिभाग किया। डोगरा लाइंस से शांति निवास होते, माल रोड, डोगरा मंदिर पर दौड़ समाप्त हुई। मुकेश प्रथम रहे। दूसरा पुरस्कार दीपक अग्रवाल तथा तीसरा पुरस्कार सभ्यकांत को मिला। राजीव गुप्ता, आदित्य सिंघल, केके गुप्ता को विशेष स्थान मिला।

स्वच्छता का दिया संदेश

मैराथन के बाद सीए ने सुबह आठ बजे बजे डोगरा मंदिर के आसपास की सफाई की। इसके बाद पौधरोपण किया। सभी ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने का भी संकल्प दोहराया। मंगल पांडेनगर स्थित सीए की मेरठ ब्रांच पर ध्वजारोहण के साथ किया गया। राजीव अग्रवाल, सनी अग्रवाल, प्रदीप पनवार और ब्रांच के सदस्यों ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद सीए मेंबर डायरी का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में सीए सदस्यों के 25 से 50 वर्ष की आयु पूरी करने पर सम्मानित किया गया। 50 वर्ष से सम्मानित होने वाले सदस्यों डीके गुप्ता, बीएल गर्ग, अशोक सैनी जिंदल, केके अग्रवाल रहे। मैंगों पूल पार्टी हुए कूल

सीए डे पर शाम को मैंगों पूल पार्टी का आयोजन किया गया। शांति निकेतन विद्यापीठ मवाना रोड में सीए सदस्य परिवार सहित शामिल हुए। इंडोर गेम्स और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी सभी ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सीए राजीव अग्रवाल, सनी अग्रवाल, प्रदीप पंवार, अमित सिंघल, गौरव, पुनीत कुमार रस्तोगी, राजीव गुप्ता, प्रभात गुप्ता, अमरीश वशिष्ठ, अनुपम शर्मा, उमाकांत अग्रवाल, नितिन मलिक आदि सीए का योगदान रहा।

पार्लियामेंट एक्ट से रखीं कई नींव

हर साल सीए डे एक जुलाई को मनाया जाता है। एक जुलाई 1949 को पार्लियामेंट में चार्टर्ड एक्ट 1949 पास हुआ। इस एक्ट से देश में सीए की नींव पड़ी। मेरठ में सीए की ब्रांच 1986 में खुली थी। शुरू में केवल 49 सदस्य थे। आज इस ब्रांच से जुड़े सीए सदस्यों की संख्या एक हजार के करीब है। सीए के झंडे पर गरुड़ का निशान है, गीतों में हरदम जागते रहने का संकल्प।

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran