मेरठ के नीला ड्रम केस में आज आ सकता है अदालत का फैसला, सौरभ के हत्यारोपितों मुस्कान और साहिल को जेल में नहीं आई नींद
Saurabh Rajput murder case: मेरठ के सनसनीखेज सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में ...और पढ़ें

आरोपित साहिल और मुस्कान तथा सौरभ (दाएं) के फाइल फोटो।
HighLights
126 तारीखों और 22 से अधिक गवाहियों के बाद ही अब निर्णय पर पहुंचा मुकदमा।
मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ पति सौरभ की हत्या कर शव सीमेंट में जमा दिया था।
जागरण संवाददाता, मेरठ। देशभर की सनसनी बने सौरभ राजपूत हत्याकांड में एक साल छह माह और 27 दिन बाद आज निर्णय आ सकता है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में 126 तारीखों और 22 से अधिक गवाहियों के बाद मुकदमा निर्णय पर पहुंच गया है। बुधवार को पहले दोनों आरोपितों को दोषसिद्ध होगा। उसके बाद ही अदालत हत्यारोपित मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला पर अपना निर्णय सुनाएगी।
डीजीसी फौजदारी केके चौबे ने कहा कि अभियोजन का प्रयास दोनों को फांसी की सजा दिलाने का है। उनका कहना है कि मामले में पति-पत्नी के रिश्ते को जिस तरह शर्मसार किया गया, उसमें कड़ा संदेश जाना चाहिए।
तीन मार्च 2025 को सौरभ की हत्या कर शव को टुकड़ों में कर नीले ड्रम में भरने के बाद ऊपर से सीमेंट जमा दिया था। चार मार्च की शाम को दोनों हिमाचल घूमने चले गए थे। 17 मार्च को वहां से लौटे और 18 मार्च को सौरभ हत्याकांड उजागर हुआ।
मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ सौरभ की हत्या कर शव सीमेंट में जमा दिया था। उसके बाद 19 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। तब से ही दोनों जेल में बंद हैं। मुस्कान ने 28 नवंबर को जेल में ही बेटी को जन्म दिया था।
जुलाई 2025 में मुकदमा जिला जज की अदालत में ट्रायल पर आया था। इसके बाद लगातार सुनवाई और बहस हुई। सौरभ के भाई बबलू राजपूत की आठ बार गवाही हुई। उसने बताया कि 17 मार्च को उसे भाई की मौत की जानकारी मिली। घर पहुंचने पर सौरभ का शव मिला। बबलू ने हत्या का आरोप मुस्कान और साहिल पर लगाया। मृतक की मां रेणू राजपूत ने भी अदालत में मुस्कान और साहिल के संबंधों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि शादी से पहले भी मुस्कान साहिल से मिलती थी। सौरभ के लंदन जाने के बाद भी दोनों के मिलने की जानकारी सामने आई थी। मुस्कान के पिता और मौसी से लेकर साहिल के परिवार समेत सभी की निगाहें अदालत के निर्णय पर टिकी हुई हैं।
निर्णय आने से पहले मुस्कान और साहिल को जेल में नहीं आई नींद
मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला जिला कारागार में गुमशुम दिखाई दिए। जेल प्रशासन की माने तो दोनों तनाव की स्थिति में हैं। सोमवार की रात भी दोनों को नींद नहीं आई। जेलर से पूछा गया कि निर्णय क्या आएंगे ? वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान और साहिल की पहले से ही काउंसलिंग कराई जा रही है। उनके अधिवक्ता भी बातचीत कर रहे है। हालांकि उनका कहना था कि अदालत के निर्णय का सम्मान करेंगे।
