मेरठ, जेएनएन। मेरठ में कोरोना की दूसरी लहर के साथ ब्लैक फंगस का कहर टूटा। डाक्टरों ने पहली बार ब्लैक फंगस के मरीजों की बड़ी तादाद देखी। माना जा रहा था कि कोरोना से ठीक होकर घर पहुंचने वाले मरीजों में फंगस ज्यादा मिला, लेकिन मेडिकल कालेज की रिपोर्ट से साफ हुआ कि कोरोना और फंगस एक ही मरीज में साथ-साथ चला। सभी मरीजों में शुगर की बीमारी मिली।

इस कारण से हुआ फंगस

डाक्टरों के मुताबिक कोरोना इलाज के दौरान ज्यादा मात्रा में स्टेरायड लेने, आक्सीजन लेने या नमीयुक्त मास्क लगातार पहनने से फंगस हुआ। कोरोना से ठीक होने के बाद कमजोर प्रतिरोधक क्षमता की वजह से उन्हें फंगस ने पकड़ा। लेकिन न्यूरो एवं नेत्र रोग क्लीनिकों में ऐसे भी मरीज पहुंचे, जिन्हें न स्टेरायड दिया गया था, और न ही आक्सीजन पर रखे गए थे। कई मरीजों को कोरोना ही नहीं हुआ था।

214 मरीजों पर स्‍टडी

मेडिकल कालेज के ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डा. वीपी सिंह ने बताया कि भर्ती किए गए 214 मरीजों पर अध्ययन किया गया। इसमें 106 मरीज कोरोना निगेटिव पाए गए। यानी कोरोना पाजिटिव और निगेटिव मरीजों की संख्या बराबर मिली। आनंद अस्पताल के ईएनटी सर्जन डा. पुनीत भार्गव ने बताया कि ज्यादा शुगर व कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति को फंगस कभी भी पकड़ सकता है। कहा कि कोरोना मरीज घर पर गंदगी से दूर रहें। मास्क बदलते रहें। शुगर के अलावा ब्लड में डी-डाइमर, फर्टिनिन, सीआरपी व अन्य मार्करों की जांच करवाएं।

15 नए कोरोना मरीज मिले, तीन की मौत

वहीं दूसरी ओर मेरठ में कोरोना का आंकड़ा दहाई पार अटका हुआ है। रोजाना 12 से 20 के बीच नए मरीज मिल रहे हैं। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि 6346 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें 15 में वायरस मिला। 67 मरीजों को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती किया गया है। होम आइसोलेशन में 95 मरीज इलाज ले रहे हैं। एक्टिव मरीजों की संख्या 250 है। विभिन्न अस्पतालों में तीन मरीजों की मौत हुई है। सात मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। उधर, मेडिकल कालेज में कोरोना मरीजों की संख्या महज आठ रह गई है। किसी मरीज की मौत नहीं हुई।

ब्लैक फंगस वार्ड में कोई नया मरीज भर्ती नहीं

मेरठ में ब्लैक फंगस के मामलों में कमी आने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि वार्ड में अब तक 202 मरीज भर्ती किए गए, जिसमें 167 डिस्चार्ज हुए। 15 मरीजों की मौत हुई है, वहीं जिले में कुल मरीजों का आंकड़ा तीन सौ पार कर गया। 304 मरीज मिल चुके हैं, जिसमें 241 ठीक होकर घर चले गए। आधा दर्जन मरीज आइसीयू में गंभीर अवस्था में भर्ती हैं। मेडिकल कालेज में फंगस की दवा एंफोटेरिसिन बी और पोसोकोनोजोल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।  

Edited By: Prem Dutt Bhatt