UGC नियमों के विरोध में मेरठ में अनूठा 'जल सत्याग्रह': गंगनहर के पानी में उतरे भाकियू क्रांतिकारी के कार्यकर्ता
Meerut News: भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी संगठन के कार्यकर्ताओं ने गंगनहर में उतरकर यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया। ...और पढ़ें

यूजीसी के नए नियमों के विरोध में गंगनहर में उतरे भाकियू क्रांतिकारी संगठन के कार्यकर्ता।
HighLights
यूजीसी के नए नियमों को तत्काल रद्द करने की मांग।
पूरे देश में एक समान शिक्षा नीति लागू करने की मांग।
जागरण संवाददाता, सरधना (मेरठ)। मेजर ध्यानचंद विश्वविद्यालय के पास भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और युवाओं ने गंगनहर में उतरे। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया और उन्हें तत्काल रद करने की मांग उठाई। इस दौरान संगठन ने जातिगत आरक्षण व्यवस्था समाप्त कर योग्यता के आधार पर अधिकार और अवसर देने की मांग भी की।
शनिवार को भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी संगठन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में युवा और अन्य लोग सलावा स्थित मेजर ध्यानचंद विश्वविद्यालय के पास गंगनहर पर पहुंचे। इसके बाद कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर गंगनहर में उतर गए और पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे जल सत्याग्रह बताया।
कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में लागू किए जा रहे नए नियमों का विरोध करते हुए यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को रद करने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी वर्ग विशेष का प्रभाव नहीं होना चाहिए। पूरे देश में एक समान शिक्षा नीति लागू की जानी चाहिए।
संगठन अध्यक्ष राजीव राणा ने कहा कि जाति और आरक्षण के नाम पर देश को बांटने के बजाय योग्यता के आधार पर अधिकार और अवसर दिए जाने चाहिए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कथित असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण फैसलों पर रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि योग्यता आधारित और न्यायपूर्ण व्यवस्था लागू नहीं की गई तो जल्द ही आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
कार्यकर्ता काफी देर तक गंगनहर में खड़े रहकर प्रदर्शन करते रहे। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान निश्चय सोम, दिग्विजय चौहान सहित संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और अन्य लोग मौजूद रहे।
