विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भाजपा सांसद अरुण गोविल के पास अपना आवास नहीं... उन्होंने सरकार से मांगा आवास या भूखंड और एमडीए ने गिनवा दिए नियम

By Anuj Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 27 Sep 2026 12:44 PM (IST)

भाजपा सांसद अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री से मेरठ में आवास या भूखंड दिलाने की मांग की थी, जिस पर मेरठ ...और पढ़ें

भाजपा सांसद अरुण गोविल।

भाजपा सांसद अरुण गोविल।

HighLights

  1. भाजपा सांसद अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री को आवास/भूखंड के लिए पत्र लिखा।

  2. मेरठ विकास प्राधिकरण ने आवंटन नियम बताए, खाली फ्लैटों की सूची दी।

  3. आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

जागरण संवाददाता, मेरठ। सांसद अरुण गोविल ने गत 17 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) या आवास विकास परिषद से अपने लिए आवास अथवा भूखंड दिलाने की मांग की थी। पत्र में कहा था कि मेरठ में उनका कोई निजी आवास या भूखंड नहीं है। यह मांग प्राधिकरण और आवास विकास परिषद की योजनाओं में जनप्रतिनिधियों के लिए आरक्षित पांच प्रतिशत संपत्तियों के तहत की गई थी। जवाब में मेडा अफसरों ने उन्हें केवल नियम बता दिए।

10 योजनाओं में जिन फ्लैटों के खरीदार नहीं मिल रहे, उनकी सूची उपलब्ध कराई है। ये फ्लैट प्राधिकरण ‘जैसा है जहां है’ के आधार पर पहले आओ-पहले पाओ प्रक्रिया के तहत जनता को आवंटित कर रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र के जवाब में मेडा अधिकारियों ने 10 सितंबर को भेजे गए जवाब में सांसद को संपत्ति आवंटित करने के बजाय आवंटन के नियम गिना दिए। बताया कि 75 मीटर से कम क्षेत्रफल की संपत्तियों का आवंटन ई लाटरी से तथा उससे ज्यादा क्षेत्रफल की संपत्तियों को ई-नीलामी प्रक्रिया से आवंटित किया जाता है।

भविष्य में किसी योजना में ई नीलामी की जाएगी तो सांसद को इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्होंने दस योजनाओं के उन फ्लैट की सूची उपलब्ध कराई है जिनके खरीददार नहीं मिल रहे। वहीं, सांसद को आवास न देने का आरोप लगाते हुए आरटीआइ कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई है। सांसद अरुण गोविल ने बताया कि उन्हें अभी तक उनके पत्र का किसी स्तर से जवाब नहीं मिला है।