मेरठ, जेएनएन। सकौती रेलवे फाटक पर सोमवार को ट्रेन चालक व एक सिपाही की समझदारी से हादसा होने से बच गया। अगर ट्रेन चालक समय पर इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाता और सिपाही फाटक के बीच में बाइक के साथ फंसे युवक को धक्का नहीं देता तो युवक की जान जा सकती थी। दौराला और जीआरपी थाना पुलिस ने जांच के बाद युवक को वहां से भेज दिया और ट्रेन के ड्राइवर व सिपाही का आभार जताया।

यह है मामला

पुलिस के मुताबिक, सकौती फाटक पर अंडरपास के निर्माण का कार्य चल रहा है। जिसके चलते काफी दिनों से फाटक बंद हैं। रविवार को बाइक सवार एक युवक बंद फाटक को पार करने लगा। कुछ लोगों ने युवक से फ्लाईओवर पर चढ़कर दूसरी ओर से जाने को कहा, मगर वह नहीं माना और बाइक को बंद फाटक के पोल के नीचे झुकाकर बीच में ले गया, तभी उसकी बाइक फंस गई। युवक बाइक को निकलाने की जुगत में लगा था। तभी मुजफ्फरनगर की ओर से आ रही ट्रेन को देखकर सकौती चौकी पर बैठे सिपाही रमेश ने भागकर युवक को धक्का देकर दूसरी ओर किया। इसी बीच ट्रेन नजदीक आ गई थी, लेकिन इससे पहले ड्राइवर ने समझदारी दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, जिससे ट्रेन बाइक के करीब पहुंचकर रुकी। करीब बीस मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। इंस्पेक्टर दौराला ब्रिजेश कुमार चौहान का कहना है कि बाइक फंस गई थी, जिस कारण ट्रेन के चालक को इमरजेंसी ब्रेक लेने पड़े। बाइक सवार सकुशल है।

 

Edited By: Taruna Tayal