बिजनौर, जागरण संवाददाता। देश में कोयले की किल्लत के चलते बिजली उत्पादन इकाइयां प्रभावित हुई हैं। वहीं कालागढ़ पावर हाउस से प्रति घंटे 35 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। हर साल बिजली बनाने के लिए पानी तभी दिया जाता था, जब किसानों की फसलों को सिंचाई की जरूरत होती थी। इस बार देश में बिजली संकट होने की वजह से बांध की झील से पानी दिया जा रहा है।

पहले कालागढ़ बांध से केवल दीपावली पर बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए पांच-छह दिन बिजली बनाने के लिए पानी दिया जाता था। कालागढ़ बांध की झील में इस बार पिछले 10 सालों में सबसे अधिक पानी का भंडारण हुआ है। पहला मौका भी है जब केवल बिजली उत्पादन के लिए पानी दिया जा रहा है। बांध के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि इससे पहले कभी ऐसा संकट नहीं आया जब बिजली उत्पादन के लिए पानी छोडऩा पड़ा हो। वर्तमान में 35 मेगावाट प्रति घंटा बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि छह नवंबर तक बिजली उत्पादन के लिए बांध की झील से पानी दिया जाएगा। जरूरत पडऩे पर झील से पानी देने की समयसीमा बढ़ाई जा सकती है।

Edited By: Prem Dutt Bhatt