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VIDEO: 'बिग बाॅस' विजय विक्रम सिंह ने मेरठ में युवाओं को बताया जीत का असली फॉर्मूला, बोले- 'नशा नहीं, हुनर चुने'

By Dileep Patel Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 10 Oct 2026 01:24 PM (GMT+05:30)

बिग बॉस के नैरेटर विजय विक्रम सिंह ने मेरठ में 'नशा मुक्त भारत' अभियान के तहत युवाओं को संबोधित किया। ...और पढ़ें

HighLights

  1. बोले- असफलता से सीखें, प्रयास जारी रखें, नशे को न बनाएं सहारा।

  2. आत्मविश्वास बढ़ाएं, घबराहट या अकेलेपन में नशे से बचें।

  3. किताबी ज्ञान के साथ संवाद कौशल पर विशेष ध्यान दें।

जागरण संवाददाता, मेरठ। सेवा संकल्प अभियान के तहत 'सेवा मेरा योगदान नशा मुक्त भारत' विषय पर वेस्ट एंड रोड स्थित ग्रैंड औरा में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'बिग बाॅस' टीवी शो के नैरेटर (वॉयस ओवर आर्टिस्ट) और अभिनेता विजय विक्रम सिंह रहे। मौके पर अनेक लोगों को पहली बार पता चला कि इस टीवी शो में सुनाई देने वाली आवाज विजय विक्रम सिंह की है।

मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए विजय विक्रम ने स्कूली बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए जीवन में सही दिशा चुनने और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने अपने जीवन के पुराने अनुभवों और कानपुर के एक युवक (अपनी) की सच्ची कहानी साझा करते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने की सीख दी। उन्होंने बताया कि कैसे असफलता मिलने पर डिप्रेशन में आकर युवा नशे की दलदल में फंस जाते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नंबर या अंक कभी किसी व्यक्ति के भविष्य को तय नहीं करते बल्कि असली महत्व ज्ञान और कौशल का होता है। उन्होंने कहा कि असफल हो जाने पर गलत आदत अपना लेना ही असली फेलियर है। असफलता के बाद प्रयास न करना ही जिंदगी की एकमात्र हार है।गोष्ठी के दौरान उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब दिए।

ये दिये सफलता के मंत्र

  • असफलता सिखाती है कि आगे प्रयास पूरी क्षमता के साथ करें। असफल होने का मतलब यह नहीं कि आप फेलियर हैं। फेलियर तो गलत आदतों में पड़ जाना है।
  • नशे को न बनाएं सहारा। जब युवा जीवन में घबराहट या अकेलापन महसूस करते हैं तो वे सहारा तलाशते हैं और नशे के आदी हो जाते हैं।
  • आत्मविश्वास होने पर नशे की कोई आवश्यकता नहीं होती। आत्म विश्वास हमेशा बेहतर रखे।
  • कम्युनिकेशन स्किल पर दें ध्यान। केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है, अपनी संवाद शैली (कम्युनिकेशन स्किल) को मजबूत बनाएं।
  • अंकों का दबाव न लें। नंबरों के पीछे भागने के बजाय ज्ञान अर्जित करने पर ध्यान दें।
  • मेहनत आपके हाथ में है। परिणाम की चिंता किए बिना अपना शत-प्रतिशत प्रयास करें।
  • नौकरी मिलने के बाद भी संघर्ष और जीवन की प्रक्रिया रुकती नहीं है, इसलिए बदलाव को अपनाएं।

परिवार और समाज की जिम्मेदारी

कार्यक्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के क्षेत्रीय अध्यक्ष सुखविंदर सोम ने कहा कि नशा एक ऐसी महामारी है जो पूरे परिवार को तबाह कर देती है। इसलिए सभी को मिलकर यह संकल्प लेना चाहिए कि वे न तो खुद नशे की तरफ जाएंगे और न ही अपने आसपास इसे फैलने देंगे। उन्होंने युवाओं को अपनी दिनचर्या में योग और व्यायाम को शामिल करने की सलाह दी।

कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे जैसी कुरीतियों से बचाकर उन्हें एक उज्ज्वल और सकारात्मक दिशा की ओर प्रेरित करना था। कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी,महापौर हरिकांत अहलूवालिया सहित बड़ी संख्या में लोग, कई स्कूलों के बच्चे शामिल रहे।