[लोकेश पंडित] बुलंदशहर। सिकंदराबाद की भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड (बिबकोल) इस समय चर्चा में है। पोलियोरोधी वैक्सीन बनाने वाली इस कंपनी में कोरोना से लड़ने के लिए अब कोवैक्सीन का उत्पादन भी किया जाना है। इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं और अक्टूबर तक यहां से उत्पादन शुरू हो जाने का लक्ष्य रखा गया है। बुधवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कंपनी का दौरा भी किया। वैसे इस समय कंपनी के करीब 25 वैज्ञानिक और तकनीशियन कोरोना संक्रमित हैं, इतने ही अन्य बुखार से भी पीड़ित हैं। इसके बाद भी यहां से कोवैक्सीन का जल्द उत्पादन शुरू हो सके, इसके लिए सभी जी जान से लगे हुए हैं।

भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड में कोवैक्सीन बनाने की खबर सुर्खियां बनते ही अब सिकंदराबाद और आसपास के लोगों को इसकी अहमियत का पता चला है, आमतौर पर इस कंपनी के बारे में अभी तक लोग बहुत कम जानते थे। चर्चाओं में आने के बाद बुधवार को कंपनी के बाहर दिनभर आसपास के लोगों के अलावा मीडिया का जमावड़ा रहा। हालांकि किसी को भीतर प्रवेश नहीं मिला। कंपनी के अधिकारियों व वैज्ञानिकों से बातचीत का प्रयास किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि भाई, ये प्रचार या सुर्खियां बनने का समय नहीं है बल्कि कोरोना से लड़ने की तैयारी का वक्त है। कंपनी के अधिकारी नाम नहीं छापने की शर्त पर बताते हैं कि यहां के मुख्य वैज्ञानिक इस समय कोरोना संक्रमण के कारण अस्पताल में हैं और वहीं से सारी तैयारियों व व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। एमडी व अन्य वैज्ञानिक व तकनीशियन भी इसी काम में व्यस्त हैं। एक वरिष्ठ वैज्ञानिक कहते हैं कि उम्मीद रखिए, समय से पहले हम कोरोना से लड़ने के लिए सरकार के साथ खड़े होंगे।

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डीएम ने लिया तैयारियों का जायजा

भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड में कोवैक्सीन बनने की अनुमति मिलते ही प्रशासनिक स्तर पर यहां सरगíमयां बढ़ गई हैं। बुधवार को डीएम रविंद्र कुमार यहां पहुंचे और कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट सुनील शर्मा से बात की। डीएम व कंपनी के अन्य अधिकारियों ने भी लंबी मंत्रणा की। हालांकि बातचीत का ब्योरा देने से सभी ने इन्कार कर दिया। मीडिया से डीएम ने केवल इतना कहा कि यह पूरी तरह गोपनीयता का मामला है। अभी कोई जानकारी देना संभव नहीं। डीएम ने कंपनी परिसर में भ्रमण किया, उन्होंने यहां पोलियो वैक्सीन बनने की प्रक्रिया भी समझी। बताया जा रहा है कि कोवैक्सीन उत्पादन के लिए किन उपकरणों की जरूरत है, इस बारे में भी बात हुई। 

डीएम रविंद्र कुमार ने कहा- भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड (बिबकोल) में कोवैक्सीन बनाने की अनुमति की अभी अधिकृत जानकारी नहीं मिली है। चर्चाओं के बाद आज मैं कंपनी परिसर देखने गया था। कंपनी के अधिकारियों से बात की। अभी इस बारे में कुछ बताना या कहना सही नहीं है।

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