मेरठ, जेएनएन। तमाम रोक के बावजूद भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर शनिवार को युवाओं को संबोधित कर गए। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी का डंडा और झंडा दोनों मजबूत हैं। जो संविधान से समझता हो, ठीक है। जो संविधान से बड़ा बनना चाहता है उसे हम दूसरे तरीके से समझा सकते हैं। हम आज भी चमड़ा उतारना जानते हैं। जूता बनाना जानते हैं। जूता सिर पर मारना जानते हैं। हमें मत छेड़ना, हम कपड़े की तरह फाड़ देंगे।
पुलिस ने नहीं दी थी अनुमति
मवाना रोड स्थित कसेरू बक्सर टेंपो स्टैंड पर डा. आंबेडकर धर्मशाला में चंद्रशेखर के स्वागत में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम रखा था। कार्यक्रम के तहत डा. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करना था। सूचना पर पुलिस पहुंची और अनुमति न होने पर कार्यक्रम रुकवा दिया। कई घंटे तक पुलिस धर्मशाला पर खड़े होकर कार्यकर्ताओं को इधर-उधर भगाती रही।

काफिले के साथ पहुंचे चंद्रशेखर
दोपहर बाद एकाएक काफिले के साथ पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर को देखते ही सैकड़ों युवा मवाना रोड पर आ गए और फूल-मालाओं, ढोल बैंड के साथ स्वागत करने लगे। चंद्रशेखर की सुरक्षा में कई हथियारबंद युवक भी थे। मवाना रोड पर इस दौरान दोनों ओर से यातायात बाधित हो गया और लंबा जाम लग गया। 
पुलिस बनी रही मूकदर्शक
कार्यकर्ताओं की अपील पर चंद्रशेखर कार से उतरे और डा. आंबेडकर धर्मशाला पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। चंद्रशेखर ने अपना संबोधन अनुसूचित जाति की युवती से दुष्कर्म वाले प्रकरण से किया। संबोधन के दौरान मवाना रोड पर पूरी तरह से जाम लग गया। पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी रही। पुलिस ने किसी तरह की कोई मशक्कत नहीं की। बाद में संबोधन पूरा करने के बाद चंद्रशेखर के रवाना होने के बाद ही जाम खुल पाया।

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