मेरठ, जेएनएन। दस दिनों से बदमाश मवाना क्षेत्र में सक्रिय रहे, लेकिन पुलिस को भनक तक न लगी। बदमाश जिस बाइक को छोड़कर भागे हैं, वह दस दिन पहले ही वीरनगर गांव निवासी प्रदीप से लूटी गई थी। यदि पुलिस प्रदीप की तहरीर पर लूट का मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की तलाश करती तो बदमाश बैंक के कैश पर झपट्टा मारने का दुस्साहस नहीं कर पाते। वीरनगर में हुई घटना को पुलिस ने दबा दिया था। पुलिस की इसी लापरवाही के चलते बदमाशों ने बैंक के कैश लूटने की योजना तैयार की है।

बदमाशों को पहले से पता था कि बैंक में कैश आने वाला है। बताया जा रहा है कि बदमाश मवाना से ही कैश को लेकर आ रही कार के पीछे लगे हुए थे। रास्ते में लूटने का मौका नहीं मिला। उसके बाद कार से पहले ही बैंक के गेट पर आकर खड़े हो गए। कैश उतरते समय ही बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर लूटने का प्रयास किया। सिक्योरिटी गार्ड और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने हिम्मत दिखाते हुए बदमाशों का पिस्टल छिन लिया। साथ ही बीस लाख का कैश भी लूटने से बचाया।

नहीं चल पाया इंस्पेक्टर और दारोगा का पिस्टल

मुठभेड़ में बदमाशों को मार गिराने वाली मेरठ पुलिस दो बदमाशों के आगे घुटने टेक गई। जबकि बदमाशों की बाइक पुलिस जीप से चंद दूरी पर थी। इंस्पेक्टर और दारोगा हाथ में पिस्टल लिए सिर्फ दिखाते रहे, लेकिन बदमाशों पर गोली नहीं चलाई। बदमाशों की बाइक पुलिस जीप से भी टकराई, तब पुलिस बदमाशों को पकड़ नहीं सकी।

दुस्साहस देखिए, भाग रहे बदमाशों ने बाइक भी लूटी

सिक्योरिटी गार्ड और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तरह गांव के अन्य लोग भी हिम्मत दिखाते तो बदमाश पकड़े जा सकते थे। बदमाशों के हाथ से पिस्टल भी छीन ली गई थी। उसके बावजूद अपनी जान बचाने के लिए गांव के बीच से भाग रहे थे। तब भी किसी ने उन्हें पकडऩे की हिम्मत तक नहीं की। वहीं, बदमाशों का दुस्साहस देखिए, वे गांव के बीच से पवन की बाइक लूट कर ले गए।

गाड़ी चालक अमित की हिम्मत से हारे बदमाश

बैंक का कैश लूटने आए बदमाश भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह वाकिफ थे। काली जैकेट और हेलमेट लगाए बदमाश आराम से बैंक गेट पर पहुंच गए। यहां ग्राहकों की लाइन लगी हुई थी। सबसे पहले बदमाशों ने गार्ड जन्म ङ्क्षसह को गनप्वाइंट पर लेकर बंदूक कब्जे में ली और फिर बख्शा भी कब्जे में ले लिया। फायङ्क्षरग की आवाज से ग्राहक जान बचाने को इधर-उधर, भाग खड़े हुए। तभी गाड़ी चालक अमित निवासी गंगानगर ने हिम्मत दिखाते हुए बदमाशों को बाइक में टक्कर मारकर गिरा दिया। जिससे लूट की वारदात होने से बच गई।

इन्होंने कहा-

सुरक्षा गार्ड और बैंक के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने अहम भूमिका निभाई है। उनकी वजह से कैश लूटने से बच गया है। दस दिन पहले बदमाशों द्वारा बाइक लूट का मुकदमा लिखा गया था या नहीं। इसकी पड़ताल कराई जा रही है। यदि मुकदमा नहीं लिखा गया तो इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -प्रवीण कुमार, आइजी रेंज  

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