बागपत, जेएनएन। थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद एक ग्रामीण की मौत हो गई। स्वजनों का कहना है कि पुलिस उत्पीडऩ से सदमे में आकर उसकी जान गई है। क्षुब्ध स्वजन व ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया और हंगामा किया। 

सिंघावली अहीर थानाक्षेत्र के एक गांव की महिला 21 मई की रात करीब आठ बजे घर में खाना बना रही थी। आरोप है कि इसी बीच ग्राम प्रधान पति घर में घुस आया। महिला से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की। विरोध करने पर गाली-गलौज की। तमंचे से डरा-धमकाकर मारपीट की। शोर सुनकर स्वजन मौके पर पहुंचे लेकिन आरोपित ने उनसे भी मारपीट की और धमकी देकर चला गया। 

पति और दो बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

दोनों पक्षों की ओर से थाने में तहरीर देकर शिकायत की गई। आरोप है कि पुलिस ने ग्राम प्रधान पक्ष की तहरीर पर महिला के पति और दो बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन पीडि़त महिला का मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीडि़ता के पति को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश भी दे रही थी। इससे परेशान होकर वह मेरठ के एक गांव में अपने मामा के घर चला गया, जहां बुधवार देर रात उसकी मौत हो गई। 

पुलिस के खिलाफ नारेबाजी 

इससे गुस्साए स्वजन गुरुवार सुबह वहां से शव लेकर आए और अमीनगर सराय-बिलौचपुरा मार्ग पर शव रखकर घंटों हंगामा किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान पक्ष ने पूर्व में भी कई लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया है। बाद में रुपये लेकर समझौता कर लेता है। थाना प्रभारी शिव प्रकाश सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। सीओ दिलीप सिंह ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। युवक के स्वजन बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उक्त युवक टीबी की बीमारी से ग्रस्त और नशे का आदी था। बीमारी से ही उसकी मौत हुई है। ग्राम प्रधान और युवक पक्ष के बीच झगड़ा हुआ था। महिला पक्ष की तहरीर पर मुकदमा क्यों दर्ज नहीं हुआ, इसकी सीओ से जांच कराई जा रही है। -प्रताप गोपेंद्र यादव, एसपी

Posted By: Prem Bhatt

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