मेरठ, जेएनएन। मेरठ विकास प्राधिकरण के लिपिकों की कार्यशैली अभी सुधर नहीं रही है। नामांतरण और रीफंड की 111 फाइलें यहां के लिपिक लंबे समय से लटका कर बैठे थे। इसकी जानकारी सचिव को मिली वह आग बबूला हो उठे। उन्होंने लिपिकों को तलब कर लिया। सभागार में इन लिपिकों को फाइल समेत बुलाकर सभागार में बैठक की। प्रत्येक फाइल पर जवाब-तलब किया। कुछ लिपिकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सचिव ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी फाइल बेवजह न रोकी जाए। यदि किसी फाइल में किसी प्रपत्र की कमी है तो उसे पूरा किया जाए। आवेदकों को पूरी जानकारी एक बार में ही दी जाए ताकि आवेदक बार-बार चक्कर न काटे। यदि किसी अधिकारी के स्तर पर कोई रुकावट होती है तो उसकी सूचना भी समय से दी जाए। सचिव चंद्रपाल तिवारी ने कहा कि अब इसके लिए जवाबदेही तय की जाएगी। यदि बेवजह फाइल रोकी गई तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को फिर से लिपिकों के साथ बैठक करेंगे।

कोर्ट मामलों में प्रति शपथ पत्र न जमा करने पर कारण बताओ नोटिस

एमडीए सचिव ने कोर्ट के मामलों की समीक्षा की। इसमें 16 मामलों पर बुधवार तक प्रति शपथ पत्र जमा नहीं कराया गया था। इसको लेकर संबंधित लिपिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सचिव ने अधिकारियों व लिपिकों को निर्देश दिए कि कोर्ट के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक मामलों का कैलेंडर बनाकर रखें। रिमाइंडर सेट करें और समय पर उससे संबंधित प्रक्रिया पूरी कराएं।

किसानों को प्लाट के लिए जल्द निश्चित होगी तिथि

गंगानगर, वेदव्यासपुरी व लोहियानगर के किसान बुधवार सुबह एमडीए सचिव से मिले। किसानों ने बताया कि अतिरिक्त प्रतिकरण के बदले कई साल पहले प्लाट देने का निर्णय हुआ था, लेकिन सिर्फ दिलासा दिया जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्लाट आवंटित नहीं किए गए तो आंदोलन करेंगे। सचिव ने उन्हें जानकारी दी कि प्लाट आवंटन करने के लिए लेआउट पहले से ही तैयार है। उस पर आपत्तियां मांगी गई हैं। जल्द ही इससे संबंधित प्रक्रिया पूरी करके तिथि निश्चित की जाएगी।

 

Edited By: Taruna Tayal