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औघड़नाथ मंदिर में अमरनाथ की झांकी: 6 फीट ऊंचे बाबा बर्फानी के रूप में सजे भोलेनाथ, मानसरोवर झील संग दिखे कबूतर 

By Vinay Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 29 Aug 2026 01:53 PM (IST)

Meerut News: मेरठ के बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर में सावन के अंतिम दिन और रक्षाबंधन पर अमरनाथ की भव्य झांकी ...और पढ़ें

श्री बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर में अमरनाथ जी की झांकी। जागरण

श्री बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर में अमरनाथ जी की झांकी। जागरण

HighLights

  1. मेरठ के औघड़नाथ मंदिर में बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन

  2. 6 फीट ऊंचा बर्फानी शिवलिंग कमल के फूलों से सजाया गया।

जागरण संवाददाता, मेरठ। सावन माह के अंतिम दिन और रक्षाबंधन पर्व पर मेरठ के ऐतिहासिक बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर में अमरनाथ जी की भव्य झांकी सजाई गई। बर्फ की सहायता से छह फीट ऊंचे बाबा बर्फानी स्वरूप शिवलिंग तैयार किए गए। शिवलिंग पर राखी अर्पित की गई।

श्री बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर में शुक्रवार शाम पांच बजे से श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। श्री बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश कुमार सिंघल ने बताया कि शिवलिंग पर फूलों का आकर्षक झूमर और लाइटों से सजावट की गई। बाबा बर्फानी के चारों तरफ 250 कमल के फूलों से श्रृंगार किया गया।

बाबा बर्फानी के पास भगवान शिव का डमरू, भगवान गणेश व माता पार्वती को विराजमान किया गया। महामंत्री सुनील गोयल ने बताया कि झांकी को आकर्षक बनाने के लिए शिवलिंग के पास मानसरोवर झील की आकृति में सरोवर बनाया गया।

साथ ही श्रद्धालुओं को कबूतर के जोड़े के दर्शन भी हुए। त्रिशूल, फूलों की माला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित फूलों से बाबा बर्फानी के चारों तरफ सजावट की गई। भक्तों ने गरुड़ द्वार से प्रवेश कर बाबा बर्फानी के दर्शन किए। वहीं, श्रीराधा गोविंद मंदिर में श्रीराधाकृष्ण का फूल-बंगला सजाया गया। भगवान को वृंदावन की पोशाक धारण कराई गई। गौरव, नरेंद्र व अन्य का सहयोग रहा।

डीएम ने बाल गृह के बच्चों को बांधा रक्षासूत्र

मेरठ : जिलाधिकारी डा. वी के सिंह ने शुक्रवार को रक्षाबंधन का त्यौहार राजकीय पश्चातवर्ती देखरेख संगठन लालकुर्ती (नारी निकेतन) और सूरजकुंड बाल गृह में बच्चों और महिलाओं के साथ मनाया। इस दौरान डीएम ने बच्चों को राखी बांधी और बच्चों ने डीएम को रक्षासूत्र बांधा। खास बात यह रही कि उन्होंने इस दौरान उन राखियों का उपयोग किया जो उन्हें दैनिक जागरण द्वारा अपने भारत रक्षा पर्व के तहत उपलब्ध कराई गईं थीं।