मेरठ, [अमित तिवारी]। Ayodhya Verdict उच्चतम न्यायालय में अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू होने के साथ ही लोगों में अयोध्या के बारे में जानने की उत्सुकता भी बढऩे लगी। अक्टूबर महीने में सर्वाधिक लोगों ने अयोध्या की-वर्ड सर्च किया। देशभर के साथ ही मेरठ के लोगों ने भी गूगल पर अयोध्या और भगवान राम को खूब सर्च किया। फैसले के दिन 'अयोध्या राम मंदिर' की-वर्ड जहां तीन सौ फीसद से अधिक खोजा गया, वहीं एक महीने के दौरान 'अयोध्या का राम मंदिर' की-वर्ड को मेरठ में 71 फीसद लोगों ने सर्च किया है। इनमें अयोध्या मामले से लेकर फैसले तक के सर्च शामिल है।

रात से ही बढ़ गया ट्रेंड

फैसला देने की सूचना शुक्रवार रात को फैलते ही लोगों ने अयोध्या को सर्च करना शुरू कर दिया। शनिवार को फैसला आने तक गूगल पर अयोध्या जोरदार तरीके से सर्च किया जा रहा था। फैसला आने के एक घंटे बाद से सर्च की संख्या कम होती गई। सुबह 100 प्वाइंट पर सर्च रहने के बाद दोपहर करीब सर्वा दो बजे 20 प्वाइंट के आस-पास रह गया। मेरठ के लोगों में यह क्रम घटता-बढ़ता रहा है। मेरठ में पिछले एक महीने के दौरान न्यूनतम छह फीसद और अधिकतम 71 फीसद लोगों ने अयोध्या को सर्च किया। इसमें दो बार 14 फीसद, दो बार 29 फीसद और एक बार 43 फीसद सर्च भी शामिल है।

405 तरह के की-वर्ड हुए इस्तेमाल

मेरठ के लोगों ने अयोध्या प्रकरण से जुड़ी हर जानकारी को देखने और पढऩे के लिए 405 अलग-अलग तरह के की-वर्ड का इस्तेमाल किया है। इनमें सर्वाधिक की-वर्ड अयोध्या फैसला, अयोध्या केस, अयोध्या राम मंदिर, अयोध्या रामजन्म भूमि, राम की अयोध्या, अयोध्या वर्डिक्ट, अयोध्या डिसीजन, अयोध्या फिल्म, अयोध्या गाना आदि सर्च किए गए हैं। इनमें सुनवाई की तिथियों को भी सर्च किया गया है जिससे यह पता चलता है कि हर तिथि पर लोगों को मामले से जुड़े अपडेट का इंतजार रहता था।

जाने के रास्ते भी देखे

अयोध्या मामले को लेकर उत्साह के साथ ही लोगों में स्थान के तौर पर भी अयोध्या में रुचि दिख रही है। सर्च की-वर्ड में अयोध्या एयरपोर्ट, अयोध्या ट्रेन, अयोध्या बस, अयोध्या सिटी आदि के बारे में भी वहां तक पहुंचने की जानकारी ले रहे हैं। संभव हे कि अयोध्या जाने की अनुमति मिलने के बाद वहां जाने वालों का सिलसिला भी शुरू होगा।

किताबों में भी खूब पढ़े जा रहे राम

आबूलेन स्थित बुक कॉर्नर के तुषार नागिया के अनुसार धर्म से जुड़ी किताबें सदा ही खूब पढ़ी जाती हैं। इनमें भगवान राम से संबंधित किताबें भी लोग पढ़ते हैं। अमीष त्रिपाठी द्वारा रामायण के किरदारों पर लिखी किताबों में राम पर लिखी किताब खूब पढ़ी जा रही हैं। इसके अलावा नरेंद्र कोहली द्वारा लिखित राम कथा 20 साल से अधिक होने के बाद अब भी उसी तरह पढ़ी जा रही है। पाठक इनकी डिमांड करते रहते हैं। 

Posted By: Prem Bhatt

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