मेरठ, जेएनएन। recession मंदी के दौर में ऑटोमोबाइल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित है। मंदी की गुत्थी सुलझाने में कारोबारी और अर्थ विशेषज्ञ भी नाकाम साबित हो रहे हैं। बजट के बाद भी ऑटोमोबाइल सेक्टर से मंदी की छाया हट नहीं रही। आरटीओ में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या लगातार कम हो रही है। अगस्त में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार नॉन कॉमर्शियल श्रेणी के 1497 वाहन कम बिके हैं। आरटीओ को मिलने वाला रजिस्ट्रेशन शुल्क कम हो गया है।

कैश की कमी और लोन से भी परहेज

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार दुपहिया वाहन आज के समय में लोगों की आधारभूत जरूरत से जुड़े हैं, लेकिन इनकी बिक्री भी काफी कम है। इससे स्पष्ट है कि लोगों के पास कैश की किल्लत है। मंदी के दौर में लोग लोन भी तभी ले रहे हैं जब बहुत जरूरी हो। कुछ समय पहले तक लोन पर जमकर बाइकों और कारों की सेल हो रही थी। पिछले वर्ष की तुलना में अगस्त में नॉन कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री 22 प्रतिशत कम हुई है। कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री में जबरदस्त गिरावट है। 186 कॉमर्शियल वाहन जिसमें बस, ट्रक आदि शामिल हैं की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में कम बिके हैं। इसमें 43 प्रतिशत की गिरावट है।

राजस्व घटा

आरटीओ डा. विजय कुमार ने बताया कि रजिस्ट्रेशन शुल्क कम होने से मासिक लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। इस बार अगस्त माह में 12 करोड़ 82 लाख का राजस्व एकत्र हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत कम है।

सुझाव एक नजर में

सरकार को जीएसटी कम करने पर जल्द ही निर्णय लेने की आवश्यकता है।

वाहन लोन पर ब्याज दर कम की जानी चाहिए जिससे लोग का रूझान बढ़़ सकें।

बीएस-4 और बीएस-6 को लेकर सरकार नई नीति बनाए जिससे लोगों को होने वाली परेशानी कुछ कम हो सकें।

सरकार को रोड टैक्स भी कम करना चाहिए।

बीमा तीन साल की जगह एक साल का करना सही रहेगा।

ऐसे रखी अपनी बात

इस समय ऑटोमोबाइल सेक्टर में स्थानीय स्तर पर 30 से 35 फीसद तक मंदी आंकी जा रही है। सभी सेक्टर में मंदी का असर देखने को मिल रहा है। साथ ही लोगों को अगले साल आने वाली कई नई गाडिय़ों का भी इंतजार है और जीएसटी भी कम होने की संभावना है। ऐसे में लोग अभी गाड़ी खरीदना जरूरी नहीं समझ रहे हैं।

- शलभ गुप्ता, डायरेक्टर समुद्रा हुंडई

मंदी का असर बार फेस्टिवल सीजन पर भी प्रभाव डाल रहा है। अधिक टैक्स और जीएसटी होने की वजह से भी लोग गाडिय़ां खरीदने से हिचकिचा रहे हैं।

- मसूद खान, सेल्स हेड दास हुंडई

इस महीने कुछ उम्मीद बंधी है। लोग आने वाले नवरात्र और दशहरे पर गाड़ी खरीदने के लिए बुकिंग करवा रहे हैं, अभी तक 60 गाडिय़ों की बुकिंग हो चुकी है। इससे बाजार बूम होने की संभावना है।

- जफर खान, जनरल मैनेजर मारुति राधा गोविंद

ऑटो सेक्टर में इंश्योरेंस का प्राइज बढऩे से भी इसका असर गाडिय़ों की खरीदारी पर पड़ा है। लोगों की बचत खत्म हो गई है और खरीदारी की क्षमता घटी है। आने वाले समय में इसके बेहतर होने की संभावना कम ही नजर आ रही है। फेस्टिवल सीजन में भी इस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती है।

- विपिन कंसल, प्रबंध निदेशक यूनाइटेड सुजुकी  

Posted By: Prem Bhatt

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