मेरठ, [सुशील कुमार]। महिला आरक्षी भर्ती में अभ्यर्थियों की जरा सी चूक ने महकमे में हलचल मचा दी। युवतियों से मिलते जुलते नाम वाले अभ्यर्थियों के आवेदन महिला आरक्षी भर्ती में शामिल हो गए। एक ही दिन में दस ऐसे अभ्यर्थी आने के बाद मेरठ से लखनऊ तक हड़कंप मच गया। यह भी चर्चा रही कि कहीं यह फर्जीवाड़े की कोशिश तो नहीं है। इसके लिए एक पैनल बनाया गया। कई घंटे तक पैनल के विचार विमर्श करने के बाद सभी आवेदनों को निरस्त करने की संस्तुति बोर्ड को भेजी गई।

कर्मचारी भी हैरत में

नाम-निम्मी शाही, पिता-भगवत शाही, निवासी-सैनिक विहार कंकरखेड़ा, लिंग: महिला। सोमवार को पुलिस भर्ती में ऐसे दस अभ्यर्थी आए जिन्होंने महिला आरक्षी पद के लिए आवेदन कर दिया था। उनके नाम भी महिलाओं से मिलते-जुलते हैं। फार्म पर फोटो, नापतौल और अभिलेखों की जांच के लिए जब यह अभ्यर्थी यहां पहुंचे तो इन्हें और फार्म को देखकर भर्ती में लगे कर्मचारी भी हैरत में पड़ गए। तत्काल ही कर्मचारियों ने महिला आरक्षी पद के लिए पुरुषों के आवेदन देखकर भर्ती पैनल से बातचीत की।

गैंग का कारनामा भी मुमकिन

माना यह भी जा रहा है कि यह किसी गैंग का कारनामा तो नहीं है। इस मामले पर पैनल में रखे गए सभी अफसरों की मीटिंग की गई और इन दस आवेदनों को निरस्त करने की संस्तुति की गई। तर्क यह भी दिया गया है कि इन आवेदकों को सही कराने के बाद पुरुष आरक्षी भर्ती में भी रखा जा सकता है।

इनका कहना है

ऑनलाइन आवेदन करते समय कुछ अभ्यर्थियों ने लिंग में महिला भर दिया। इसके तहत उक्त सभी को वेबसाइट पर वेरीफिकेशन की सूचना दी गई। उक्त अभ्यर्थियों के आवेदन पर बोर्ड ही निर्णय लेगा। जोन स्तर पर गठित पैनल ने उक्त सभी अभ्यर्थियों का वेरीफिकेशन नहीं किया। उसके अलावा कुछ आवेदन निरस्त करने की संस्तुति की गई, जिनमें नाम गलत थे।

- संजीव वाजपेयी, एसपी ट्रैफिक 

Posted By: Prem Bhatt

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