मेरठ, जेएनएन। लाबड़ी संख्या में जमातियों को क्वारंटाइन केंद्रों में भेजा गया है। बुधवार को 35 जमातियों को एंबुलेंस में लेकर स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस की टीम भटकती रही। आखिरकार उन्हें ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक शेल्टर होम में रखा गया। उधर, एंबुलेंस स्टाफ ने वेतन न मिलने की बात कहते हुए अधिकारियों पर नाराजगी जताई।

पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से जमातियों को क्वारंटाइन कर रही है। इसी कड़ी में शहर के कई क्षेत्रों से जमातियों के संपर्क वालों को वाहन में लेकर टीम बेगमबाग स्थित जीआइसी पहुंची। किंतु वहां स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया। यहां एंबुलेंस स्टाफ भी उतर गया। काफी देर तक असहज स्थिति बनी रही। स्वास्थ्य विभाग ने भूड़बराल शेल्टर होम से संपर्क किया, किंतु यहां स्थान की कमी थी। आखिरकार बिजली बंबा बाइपास रोड के पास बने एक नए केंद्र में रखा गया। सीएमओ डा. राजकुमार ने कहा कि सभी को क्वारंटाइन करने की पूरी व्यवस्था है। एंबुलेंस स्टाफ ने एक कर्मचारी कई दिनों तक अनुपस्थित रहा, जिसका वेतन कटा होगा। अन्यथा सभी को नियमित रूप से मिल रहा है।

मदरसे में रुके रहेंगे जमाती

मार्च माह में भावनपुर थाने के गांव पचपेड़ा से नौ लोगों की जमात खरखौदा थाना के गांव अजराड़ा गई थी। सभी जमाती अब लौट आए हैं। जिनकी जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी सैंपलिंग कराते हुए मेडिकल जांच के लिए भेजा है। वहीं, बुधवार को गांव पचपेड़ा पहुंचे एसडीएम सदर देहात अंकित खंडेलवाल व सीओ सदर देहात अखलेश भदौरिया ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ सभी जमातियों को गांव के मदरसे में कमरे मुहैय्या कराते हुए सुरक्षित पहुंचा दिया है।

विधायकों ने डीएम से कहा..सिवाल में भरे पड़े हैं जमाती

जमातियों में संक्रमण के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को आगाह किया है। तीन विधायकों ने जिलाधिकारी से मिलकर बताया कि सिवाल के कई गांवों में जमातियों की बड़ी तादाद है, किंतु तथ्यों को भी झुठलाया जा रहा है। सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवाई, हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक एवं मेरठ दक्षिण विधायक डा. सोमेंद्र तोमर ने बुधवार को डीएम अनिल ढींगरा से मिलकर चर्चा की। विधायकों ने कहा कि एसडीएम सदर को कई बार सूचित किया गया, किंतु उन्होंने सूचनाओं की उपेक्षा की। विधायकों ने एसडीएम से कहा कि अगर गांवों में पड़ताल नहीं की गई तो वो मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला डालेंगे। सीएम की तत्परता से कोरोना काफी हद तक नियंत्रित है, किंतु जरा सी चूक संक्रमण का बड़ा खतरा पैदा कर देगी। सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवाई ने डीएम को ऐसे दर्जनभर गांवों की सूची भी सौंपी।

खिवाई में चार जमाती संक्रमित मिलने पर घर-घर जांच

महिला समेत चार जमाती कोरोना संक्रमित मिलने के बाद कस्बे में दहशत है। बुधवार को पुलिस ने कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग घर-घर लोगों की जांच कर संदिग्धों को क्वारंटाइन कर रहा है। कस्बे में तीन मस्जिदों और एक घर में विभिन्न राज्यों के 33 जमाती ठहरे हुए थे। एक सप्ताह पूर्व स्वास्थ्य विभाग ने इनके नमूने जांच के लिए भेजे थे। पहली खेप में नौ लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। मंगलवार देर शाम दो और जमातियों के संक्रमित मिलने पर खिवाई को नौ अप्रैल की रात नौ बजे तक के लिए सील कर दिया गया था। बुधवार सुबह दो और जमाती संक्रमित पाए गए। विभाग ने कस्बे को सैनिटाइज कराकर स्क्रीनिंग की और संदिग्धों को क्वारंटाइन किया। 

Posted By: Taruna Tayal

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