मेरठ, [पंकज तोमर] भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी के बीच पश्चिमी उप्र में अलर्ट घोषित किया गया है। आपात स्थिति में मोर्चा संभालने के लिए पुलिस के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और पीएसी एक्टिव मोड में है। आतंकी गतिविधियों व रोहिंग्या पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को भी जोन में सक्रिय कर दिया गया है।
तीन राज्यों के 40 जिलों में आरएएफ की नजर, 500 जवान तैयार
पुलवामा हमले के बाद से ही सीआरपीएफ व उसकी इकाई आरएएफ सतर्कता बरत रही है, लेकिन बुधवार को हालात गंभीर हुए तो केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अलर्ट घोषित कर दिया। देश की 15 बटालियनों में सबसे बड़ी आरएएफ (108 बटालियन) तीन राज्यों के 40 जिलों पर नजर बनाए है। इनमें उप्र के 17, हिमाचल के 12 और उत्तराखंड के 11 जिले शामिल हैं। चार में एक कंपनी को रिजर्व रखा गया है। यदि जरूरत पड़ती है तो हालात काबू करने के लिए लगभग 500 जवान अदम्य साहस दिखाने को तैयार हैं।
पुलिस व पीएसी भी सतर्क
जोन में पुलिस व पीएसी भी सतर्क है। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, होटलों, रेस्टोरेंट आदि पर सघन चेकिंग चल रही है। इसी तरह 44वीं वाहिनी व छठी वाहिनी पीएसी में भी एक-एक कंपनी रिजर्व में रखी गई है।
पूरे जोन को खंगाल रहा है खुफिया तंत्र
एडीजी के निर्देश पर खुफिया तंत्र भी जोन को खंगाल रहा है। रोहिंग्या, आइएसआइ, आइएसआइएस के मॉड्यूल से जुड़े लोगों और बांग्लादेशी, इन चार बिंदुओं पर जांच चल रही है। मेरठ में 18 रोहिंग्या हैं, जिनके बायोमेटिक कराए जा चुके हैं। इसी तरह जहां-जहां से भी आतंकी या मॉड्यूल पकड़े गए हैं उनके गांवों में हलचल परखी जा रही है। कुछ दिन पूर्व रार्धना व जसौरा से पकड़े गए आइएसआइएस मॉड्यूल के संदिग्धों के परिवारों और अन्य लोगों से भी बातचीत की गई है।
इनका कहना-
आरएएफ तैयार है। महानिदेशालय का जो भी निर्देश होगा उसका पालन किया जाएगा।
-शैलेंद्र कुमार, आरएएफ कमांडेंट
किसी भी जिले में पीएसी की जरूरत होगी तो भेजी जाएगी।
- देवेंद्र भूषण, प्रभारी सेनानायक-44वीं वाहिनी
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जोन में अलर्ट घोषित कर दिया है। सभी कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने जिलों में नजर रखें। पुलिस अपनी अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
-प्रशांत कुमार, एडीजी-जोन

Posted By: Taruna Tayal

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